Tuesday, November 20, 2018
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राजशाही के आगे घुटने टेक रही कांग्रेस – क्यों जशपुर दौरा नही करते टीएस सिंह देव

DR ARUN Uranw Munaadi news
TS बाबा नेता प्रतिपक्ष
TS singhdev नेता प्रतिपक्ष

जशपुर मुनादी ।।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में 2013 के बाद नई सरकार के गठन के बाद कांग्रेस में भी संगठन और विधायक दल का नया नेता चुना गया इस आस से ताकि पार्टी में चल रही गुटबाजी और उथल पुथल को बैलेंस किया जा सके लेकिन आज वर्षों बाद भी कांग्रेस का संगठन आपसी खींचतान से जमकर जूझ रहा है जिसके बाद देखा जाए तो पार्टी में युवक कांग्रेस चुनाव के बाद अब सीनियर कांग्रेस का चुनाव होना अब सबसे बड़ा कठिन कार्य हो चला है पूरे प्रदेश में इसके लिए सदस्यता कराई गई है जिसके बाद चुनाव प्रणाली से जिलों के जिलाध्यक्ष से लेकर ब्लॉक स्तर का गठन होगा हालांकि पूरे प्रदेश में कांग्रेस संगठन द्वारा हर जिलों में आपसी सहमति से जिलाध्यक्षों का नाम तय करने की कोशिश हो रही है लेकिन हर स्थान पर स्थानीय नेताओं को छोड़कर प्रदेश बड़े नेताओं का पावर काम कर रहा है जिससे कांग्रेस में जमकर उथल पुथल जारी है जिससे पार्टी को आगामी चुनाव में होने वाले बड़े नुकसान की भरपाई निश्चित ही करनी होगी क्योंकि सियासी गलियारों में हर रोज यह चर्चा आम हो चुकी है ।
आलम यह है कि जिस प्रकार बीते दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत के प्रभार जिले वाले क्षेत्र में ही उनकी बात नही चलने की खबर आई तो जिसमे संगठन के जिलाध्यक्ष के पद को बदलने को लेकर प्रदेश के बड़े नेताओं के बीच विवाद हुआ था क्योंकि अपने प्रभार वाले जिले जांजगीर में डॉ महंत ने दूसरे व्यक्ति का नाम जिलाध्यक्ष के लिए बढ़ाया था और प्रदेश संगठन इसे नही मान रहा था । जिससे पार्टी में चल रही अंतरकलह सामने आने लगी है ।

जशपुर में भी है ऐसा ही हाल

भाजपा के गढ़ माने जाने वाले आदिवासी जिले जशपुर में तीनों सीट बीजेपी के पास है जहां स्व दिलीप सिंह जूदेव परिवार का दबदबा है । और सरगुजा संभाग के नाते कांग्रेस के लिए यह क्षेत्र नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव के जिम्मे ही है यहीं से जशपुर कांग्रेस के सारे बड़े निर्णय लिए जाते हैं किंतु अब तक टीएस सिंहदेव न जाने क्यों इस पूरे इलाके का अब तक 5 बार भी दौरा नही किये हैं जो काफी दुर्भाग्यपूर्ण और सोचनीय है ऐसे में यहां भी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष के पद के लिए वर्तमान जिलाध्यक्ष पवन अग्रवाल जो टीएस बाबा के गुट वाले ही हैं जिनके नाम पर लगभग जिले के कांग्रेसी तैयार नही है सूत्रों की माने तो यहां से 7 बार विधायक चुनाव जीतने वाले आदिवासी कद्दावर नेता रामपुकार सिंह भी जिलाध्यक्ष के पद में बदलाव चाहते हैं लेकिन प्रदेश स्तर के नेता और यहां के स्थानीय अन्य सभी कांग्रेसियों में आपस मे संगठन बदलाव को लेकर कशमकश की स्तिथि बनी हुई है । कार्यकर्ताओं की माने तो वे संगठन में नया चेहरा लाना चाहते हैं जो निर्विवाद हो जिसके लिए 4-5 नाम भी पार्टी को सौंप दिए गए हैं जो बन्द लिफाफे में हैं । जिनका मानना है कि यदि जिलाध्यक्ष नही बदला गया तो पार्टी को नुकसान उठाना ही पड़ेगा ।

बहरहाल यह तो पहले से ही साबित है कि जशपुर की 3 सीटों पर भाजपा काबिज है जिसे उखाड़ना आसान नही लेकिन यदि कांग्रेस में ऐसा ही चलता रहा तो स्थानीय स्तर पर भी जषपुर में कांग्रेस को बचाना मुश्किल हो जाएगा ??

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