Tuesday, February 20, 2018
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और यादगार बन गया शादी का यह सिल्वर जुबली साल, धर्म के कर्म में सात दिन साथ साथ

Atul Krishna Bharadwaj
Atul Krishna Bharadwaj

 

रायगढ मुनादी ।।

कई लोग अपने जन्मदिन, विवाह और शादी की वर्षगांठ को मनाने अलग अलग तरीके ईजाद करते हैं। ज्यादातर तरीका खर्चीला और तड़क भड़क वाला होता है लेकिन रायगढ के रामदास परिवार के सुनील रामदास ने अपनी शादी की पच्चीसवीं साल गिरह धार्मिक आस्था में सतत सबकी लगाकर मनाया। न केवल उनका परिवार बल्कि राज्य भर के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया।

जी हां ! हम रायगढ में आयोजित रामदास परिवार के रामकथा की ही बात कर रहे हैं। इस राम कथा को सुनने जहां दूर दूर से लोग आए वहीं कई विशिष्ट लोगों ने भी रामकथा का रसपान किया। इस तरह सुनील रामदास अग्रवाल के शादी की सिल्वर जुबली न सिर्फ सार्थक हो गया बल्कि अनूठा तरीका होने के कारण लोगों के लिए उदाहरण भी। इसपर सुहागा यह कि रामकथा करनेवले अतुल कृष्ण जी थे जिन्होंने रामकथा से राम के चरित्र को जीवंत करने का काम किया। वैसे रामकथा  तो बहुत लोग करते हैं लेकिन कथा की इस तरह व्याख्या बहुत कम लोग ही कर पाते हैं। इसके अलावा राम चरित्र मानस की कई चौपाइयों को लेकर जो समय समय पर सवाल उठते है उन सवालों का सही समाधान बहुत कम लोग ही बता पाते हैं। अतुल कृष्ण महाराज ने राम के चरित्र की व्याख्या इतनी सरलता से करते हैं कि इन्हें आम लोगों द्वारा भी आत्मसात किये जाने में सरलता हो। आदर्श चरित्र को सद्चरित्र बनाकर इसे अंगीकार करवाने लोगों को प्रेरित करना बड़ा ही दुर्लभ काम है जो अतुल कृष्ण जी ने किया है।

संशय विहग उड़ावन हारी

राम के चरित्र, सीता का त्याग, रावण का पाप
मानस में स्पष्ट है और तीनों बातों से हमें जीवन की सार्थकता, सलीका और सद्भावना का ज्ञान होता है। जीवन के संशय को दूर करने के लिए मानस का पाठ और उसकी सूक्ष्म व्याख्या आवश्यक है जिसे अतुल कृष्ण महाराज करते रहे हैं । रायगढ और रामदास परिवार के लिए यह कथा सकारात्मकता प्रदान करबे वाली रही। इस कथा में बड़े नेताओं में भी हिस्सा लिया ।

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