Tuesday, November 20, 2018
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रमन, सिंहदेव और अडानी पर क्यों दी गयी एफआईआर दर्ज करने की अर्जी, पढ़िए पूरा मामला

सरगुजा मुनादी ।

सरगुजा के घाटबर्रा में 900 आदिवासियों के वन अधिकार पट्टों को निरस्त किये जाने के मामले में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) द्वारा अंबिकापुर कोतवाली थाने में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष टी. एस. सिंहदेव और उद्योगपति गौतम अडानी पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ आई आर) दर्ज करने की अर्जी दी गयी है। 
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ द्वारा अंबिकापुर कोतवाली थाना प्रभारी को दी गयी अर्जी में लिखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरगुजा के घाटबर्रा में 900 आदिवासियों के वन अधिकार पट्टों को गैर क़ानूनी तौर पर मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के इशारों पर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद इन वन अधिकार पट्टों के तहत आ रही भूमि को देश के जाने माने उद्योगपति गौतम अडानी को बेच दिया गया। अडानी समूह द्वारा इस भूमि पर कोयला का अवैध खनन किया जा रहा है और इस कोयले के परिवहन का ठेका नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव शफी अहमद के पास है। अतः यह स्पष्ट है कि सत्तापक्ष और विपक्ष की मिलीभगत से आदिवासियों के हक़ की जमीन छीनकर उसे औद्योगिक घराने को बेच दिया गया है। प्रथम दृष्ट्या यह पूरा मामला आपराधिक श्रेणी में आता है इसलिए मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष टी. एस. सिंहदेव और उद्योगपति गौतम अडानी पर आपराधिक साजिश रचकर आदिवासियों की जमीन फर्जी तरीके से हड़पने का प्रकरण दर्ज किया जाए।

                  

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