Friday, September 21, 2018
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अस्पातल है या बूचड़ खाना, नसबंदी शिविर में महिलाओं के साथ ये कैसा सलूक?

जशपुर मुनादी

 

 

जशपुर जिला अस्पताल जिला प्रशासन की नजर में भले ही प्रदेश का प्रथम अस्पताल हो और इसका कायाकल्प हो गया हो लेकिन इस अस्पताल की हालत प्रशासन की सोंच  से बिल्कुल विपरीत है। यहां चल रहे नसबंदी में महिलाओं के जान से खिलवाड़ करने की तस्वीर सामने आयी है ।बताया जा रहा है कि यहां नसबंदी कराने आई महिलाओं को एक साथ जमीन  लिटाकर इलाज किया जा रहा है ।यह तस्वीर जब मीडिया के हाथ लगी और इस बावत प्रदेश की सरकार में भागीदारी निभा रहे जनप्रतिनिधियों से जब इस तस्वीर का जवाब मांगा गया तो उन्होंने जवाब देने के बजाय यह मानने से ही इनकार कर दिया कि नसबंदी के दौरान महिलाओं को जमीन पर लिटाया गया होगा वही स्वास्थ विभाग के आला अधिकारी अपनी गलती कबूल कर रहे है ।
     इससे पहले की हम आपको पूरा वाकया बताएं पहले यह बता दें कि अभी हाल ही में जिला अस्पताल जशपुर में महिला आयोग ने यहां का औचक निरीक्षण किया था और निरीक्षण के दौरान जितनी खामियां आयोग द्वारा गिनायी गयीं वह यह बताने के लिए पर्याप्त है कि जिला अस्पताल का  कायाकल्प अबतक नही हो पाया है ।

पढिये क्या है मामला ?

हाल ही में छत्तीसगढ़ के नंबर वन का तमगा पाने वाला अस्पताल में महिलाओ के जन से खिलवाड़ हो रहा है , जशपुर जिला अस्पताल में महिलाओं की नसबंदी तो हो रही है लेकिन बेहद लापरवाही के साथ । नसबंदी करवाने आई महिलाओ को जमीन पर लिटाकर इंजेक्शन लगाया जा रहा है , वही जिला अस्पताल प्रबंधक गलती मानते हुए सुधार की बात कह रहे है ।,हाल ही में इस अस्पताल को मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कायाकल्प राज्य स्तरीय पुरस्कार के तहत प्रथम पुरस्कार से पुरस्कृत किये है और 50 लाख रूपये का इनाम भी दिए है,,, लेकिन इस अस्पताल की अन्दर की तस्वीर बिलासपुर अस्पताल से कुछ अलग नहीं दिख रही है , बिलासपुर में नसबंदी के बाद हुई मौतों के दो साल बाद यहाँ अब महिलाओं की नसबंदी में तेजी किस कदर बढ़ी है,,,आप इस तस्वीर के जरिये यहां का नजारा साफ़ देख सकते हैं। ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टरों की टीम बड़ी सतर्कता और स्वच्छता के साथ इन महिलाओं की नसबंदी तो कर रही है लेकिन देखिए इस तस्वीर को नसबंदी के पहले किस तरह से ये दूर – दराज से आई ये हितग्राही महिलाओं को जमीन सुलाया गया है ,,, वहीँ इन महिलाओं के साथ आये लोग दूर से केवल इस लापरवाही को देख सकते हैं,,कुछ बोल नहीं सकते क्योंकि इन्हें कुछ भी बोलने से अस्पताल के एलटीटी कैम्प के अधिकारी ने मना कर दिया है।

 

“हम मान ही नही सकते “

 

स्वास्थ्य महकमे की इस लापरवाही को लेकर जब हमने जिले के नेताओ से बात की तो उन्होंने इस मामले में कुछ बोलने के बजाय जिला अस्पताल की तारीफ पुलिंदा बांधना शुरू कर दिया   महिलाओ को नीचे लिटाने के मामले में नेता जी ने बस दो टुक कहा की ऐसे नहीं हो सकता अब जिला अस्पताल में इनता वार्ड बन गया है की निचे लेटाने की सवाल ही पैदा नहीं हो सकता , छग खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष कृष्णा राय इस व्यवस्था से शायद वाकिफ नही हैं इसलिये उन्हें हमारी किन्ही बातों पर भरोसा नही होता।उनकी माने तो जमीन में लिटाये जाने का सवाल ही पैदा नही होता । इनका कहना है कि जिला अस्पताल में न तो डॉक्टरों की कमी है न ही संसाधनों की ।

 

जल्द सुधारेंगे व्यवस्था -सीएमएचओ

इस मामले को लेकर हम जिले के जिला स्वास्थ्य अधिकारी आर एल तिवारी के पास पहुचे ।उन्होंने कहा कि उन्हें हमसे पता चल रहा है कि जिला अस्पताल में नसबंदी के लिए आयी महिलाओं को जमीन पर लेटाकर इंजेक्शन दिए जा रहे है। उन्होंने कहा कि जल्द ही व्यवस्था ठीक कर ली जाएगी ।

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