Thursday, April 19, 2018
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अब तो हद हो गयी, आमंत्रण पत्र से भी पैलेस गायब हो गया, खेल की राजनीति या राजनितिक खेल

 

जशपुर मुनादी

जशपुर में अब “खेल” में भी राजनीति का खेल शुरू हो गया है ।खबर है कि राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा जशपुर में आयोजित किये जा रहे कस्तूरबा गांधी राज्यस्तरीय खेल कूद प्रतियोगिता आयोजन के अतिथियों में से जशपुर जशपुर पैलेस के सबसे करीबी माने जाने वाले जशपुर बिधायक राजशरण भगत का नाम गोल कर दिया गया है ।इनके जगह कुनकुरी बिधायक रोहित साय को आतिथ्य के लिए आमंत्रित किया गया है । खास बात यह है कि विभाग द्वारा जारी आमंत्रण पत्र से जशपुर पैलेस के भी किसी सदस्य का नाम नही है । विभाग का आमंत्रण पत्र सोशल मीडिया में आने के बाद राजनीति और खाशकर स्थानीय राजनीति से वास्ता रखने वाले जानकारों में बहस शुरू हो गयी है । ज्यादातर लोग इसे खेल की राजनीति या राजनीति के खेल से जोड़कर देख रहे हैं । हांलाकि इस मामले में विभाग का तर्क दूसरा है । राजीव गाँधी शिक्षा मिशन के जिला अधिकारी शशिकांत सिंह से जब मुनादी डॉट कॉम ने इस मामले में चर्चा की तो उन्होंने बताया कि जशपुर बिधायक राजशरण भगत आज ही राजधानी रायपुर में चल रहे बजट पर चर्चा में शामिल होने जा रहे हैं जिसकेे चलते उन्होंने कार्यक्रम में आने में असमर्थता जतायी थी वही जशपुर पैलेस से प्रबल प्रताप जदेव से भी उनकी बात हुई थी लेकिन वह भी फिलहाल रायपुर में हैं ।इन जनप्रतिनिधियों के राजधानी में होने के
चलते उनका नाम आमंत्रण पत्र में नही लिखा गया है ।
जबकि इस मामले में जब मुनादी डॉट कॉम ने जशपुर बिधायक राजशरण भगत से बात की तो उन्होंने आमंत्रण पत्र पर नाम प्रकाशित नही किये जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि खेल में राजनीति सही है ।खेल में केवल खेल की भावना होनी चाहिए ।उन्होंने कहा कि बजट सत्र की चर्चा में वह अकेले नही जाएंगे बल्कि सभी विधायको को जाना है पर केवल उनका ही नाम नही है ।

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