Friday, December 14, 2018
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मुनादी की ख़बर के बाद NTPC प्रभावितों ने बताया NTPC का सच, जानिए आप भी इन्साइड स्टोरी

रायगढ़ मुनादी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रधानमंत्री मोदी को एनटीपीसी लारा प्रोजेक्ट को लेकर लिखे VIP पत्र के VIP जवाब को लेकर मुनादी द्वारा जो खबर प्रकाशित की गई थी उसे लेकर प्रभावितो द्वारा गलत निराधार बताते हुए असल इनसाइड स्ट्रोरी बताते है जानिए क्या कहना है प्रभावितों का……

एनटीपीसी केंद्रीय कार्यालय के अपर महाप्रबंधक सी.बी. पोद्दार आर एंड आर द्वारा ऊर्जा मंत्रालय को प्रधानमंत्री कार्यालय के पत्र दिनांक 08.01.2015 का जवाब ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव अरुण कुमार सिंह को प्रेषित जवाब बिल्कुल ही गलत एवं निराधार है।
लारा परियोजना के प्रभावित व्यक्तियों के लिए स्टेक होल्डर एवं जिला प्रशासन के विचार विमर्श से पुनर्वास कार्य योजना बनाकर राज्य सरकार द्वारा संस्तुती होना बताया जाना सरासर गलत एवं झूठ है। ज्ञात हो कि कलेक्टर रायगढ़ के पत्र क्र./जि .व्या .उ .के .रा/भू-अर्जन/2012/4093 दिनांक 03/08/2012 के अनुसार एनटीपीसी परियोजना लारा के लिए प्रस्तावित पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के अनुमोदन के संदर्भ में उद्योग संचनालय का पत्र क्र. 54/अधो.वि.क./भू-अर्जन/2011/15898 दिनांक 3 सितंबर 2012 एवं जिला कलेक्टर रायगढ़ द्वारा विधानसभा प्रश्न के उत्तर में दिनांक 23.07.15 को मंत्रालय को प्रेषित जानकारी से स्पष्ट है कि भूमि अधिग्रहण किसी इकाई विशेष के नाम से नहीं किया जाकर सी.एस.आई.डी.सी. के लैंड बैंक हेतु किया जा रहा है ऐसी स्थिति में किसी कई विशेष अर्थात मे. एनटीपीसी लि. के नाम से परियोजना प्रतिवेदन एवं आदर्श पुनर्वास योजना का अनुमोदन आवश्यक नहीं है एवं छ.ग. राज्य की आदर्श पुनर्वास नीति 2005 (यथा संशोधित 2007) के अनुसार नियम एवं शर्तों का पालन किए जाने का उल्लेख है। साथ ही साथ छ.ग. शासन वाणिज्य एवं उद्योग विभाग मंत्रालय के पत्र क्र. एफ 11-28/2011/11/6 दिनांक 15/9/11 के अनुसार छ.ग. आदर्श पुनर्वास नीति 2005 (यथा संशोधित 2007) के पालन की शर्त पर एनटीपीसी प्रभावित 9 गांव के निजी जमीन अधिग्रहण की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। उक्त पत्र से स्पष्ट है कि एनटीपीसी के सी.बी. पोद्दार AGM R&R द्वारा पी.एम.ओ. ऊर्जा मंत्रालय को प्रेषित जानकारी बेबुनियाद एवं मनगढ़ंत है।
ज्ञात हो कि छ.ग. आदर्श पुनर्वास नीति की कंडिका 11.2.2 एवं 11.2.3 के तहत एनटीपीसी के भू-विस्थापित रोजगार के हकदार हैं एवं इनकी मांग जायज है। पी.एम.ओ. एवं ऊर्जा मंत्रालय को झूठी जानकारी भेजने के कारण एनटीपीसी के संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।

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