Tuesday, November 20, 2018
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NTPC आंदोलन अब जन आंदोलन बनने की ओर  प्रशासन के लिए बन सकती है फजीहत

 

रायगढ़ मुनादी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

गत 80 दिनों से चल रहा है जो अब पूरे जोश के साथ जन आंदोलन की ओर अग्रसर है, भू-विस्थापितों की 1 सूत्रीय मांग स्थाई नौकरी को लेकर के शांतिपूर्वक आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन को सभी सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त हो चुका है।

इनका समर्थन करते हुए पुसौर क्षेत्र के जागृत किसान संगठन द्वारा उनकी मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन 8 जून को पुसौर ब्लाक मुख्यालय के पास प्रदर्शन करेंगे जिसमें भारी संख्या में किसानों उपस्थित होने की संभावना है।

इसमें किसी प्रकार की कोई संदेह नहीं की यह आंदोलन अब एक जन आंदोलन बनता जा रहा है। इस आंदोलन को अन्य क्षेत्र के किसान संगठनों द्वारा भी समर्थन प्राप्त हुआ है तथा आगामी दिनों में उनके द्वारा भी एक दिवसीय धरना कार्यक्रम रखा जा सकता है। क्योंकि यहां एनटीपीसी लारा द्वारा 1800 लोगों को पुनर्वास राशि बांटी गई है तथा शेष 800 लोगों को अपात्र किया जा रहा है जिसके कारण इस क्षेत्र में किसानों में असंतोष फैला हुआ है। इसमें दो मत की बात नहीं है कि शांति से चलता हुआ यह आंदोलन आगामी दिनों में उग्र रूप ले सकता है। आज तक की स्थिति में एनटीपीसी प्रबंधन चुप्पी साधे हुए हैं और केवल कांटेक्ट बेस पर रोजगार प्रदान करने का दावा कर रहा है जबकि छत्तीसगढ़ पुनर्वास नीति में स्पष्ट यह उल्लेख है कि वह विस्थापित प्रभावित के व्यक्ति को स्थाई रोजगार प्रदान किया जाए। जो कि एनटीपीसी लारा में प्रशासन द्वारा पालन करवाने में असफल रहा है। जो कि क्षेत्र के लिए बहुत विडंबना की बात है जिस जमीन पर किसान अपने परिवार का भरण पोषण करता आ रहा है आज उसकी जमीन छीन चुकी है और आज उसके पास ना रोजगार है और ना ही कोई अन्य विकल्प।
आज क्रमिक भूख हड़ताल के क्रम में भू-विस्थापितों से कुश कुमार, अर्जुन, महेश, धनेश्वर बैठे।

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