Tuesday, September 18, 2018
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शिक्षाकर्मी को प्रताड़ित करने स्कूल में दूसरा शिक्षक पदस्थ ही नहीं कर रहे अधिकारी, गलती सिर्फ इतनी है कि……

 

रायगढ़ मुनादी ।।

 

 

पुसौर का एक एक स्कूल दो साल से सिर्फ इसलिए एकल बना हुआ है क्योंकि अधिकारी वहां पदस्थ शिक्षाकर्मी को सबक सिखाना चाहते हैं। शिक्षा कर्मी की भी कोई बड़ी गलती नहीं, उसकी गलती यह है कि विभागीय त्रुटियों और शिक्षक साथियों के लिये वे विभाग से जानकारी मांगते रहते हैं। इसकी सजा वहां के बच्चों को एकल विद्यालय बनाकर दिया जा रहा है।

सच बोलने और हक़ की आवाज उठाने की सजा क्या होती है यह कोई रायगढ़ जिले के बड़े हरदी में पदस्थ पंचायत शिक्षक राजेश चौहान से पूछे ।एकल शिक्षक के रूप में पदस्थ इस शिक्षक से शिक्षकीय कार्य के अलावे कई सारे काम लिए जा रहे हैं और एक भी काम मे चूक हो गई तो विभाग इन्हें कार्यवाही की नोटिस थमा देता है। एक ऐसे ही मामले में कुछ दिन पहले विभाग ने फिर से इस शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था ।जिसके जवाब में शिक्षक राजेश चौहान ने लिखा है कि वह पंजीकृत छग क्रांतिकारी शिक्षक पंचायत संगठन का पुसौर ब्लॉक का सचिव है ।संगठन में जिम्मेदार ओहदे पर होने के नाते वह समय समय पर विभागीय त्रुटियों को लेकर शासन से पत्राचार करने के अलावे सूचना के अधिकार के तहत जानकारियां भी मांगता है जिसके दुष्परिणामस्वरूप विभाग के कतिपय अधिकारियों द्वारा उनकी ओर संगठन के आवाज को दबाने में लग गए हैं और येन केन प्रकारेण उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है । पंचायत शिक्षक राजेश चौहान द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पुसौर को दिये गए जवाब में लिखा है कि 4 महीने से वेतन नही मिलने के बावजूद एक शिक्षक से दर्जन भर काम की अपेक्षा रखना और काम न होने पर दंडित करना प्रशासनिक प्रताड़ना नही है तो क्या है ? राजेश मानसिक रूप से परेशान होकर उच्च अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं लेकिन उनकी कोई सुननेवाला ही नहीं है।

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