Friday, December 14, 2018
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न शराबबंदी होगी न उसका ठेका होगा, अध्ययन करने के बाद विभाग का निर्णय

 

रायपुर मुनादी। 

 

 

प्रदेश में फिलहाल शराबबंदी नहीं होगी, इसका मतलब ये हुआ कि नए वित्तीय वर्ष में भी कॉर्पोरेशन ही शराब बेचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल के बयान से यही संकेत मिल रहे हैं। कारण नई आबकारी नीति के लिए गठित 11 सदस्यीय अध्ययन दल ठंडा पड़ गया है।

राज्यों का दौरा पूरा नहीं कर रहा है। जनवरी 2018 तक छह राज्यों का दौरा पूरा करना था और फरवरी में सरकार को रिपोर्ट देनी है। लोकसभा और विधानसभा सत्र के कारण यह भी तय है कि इस महीने अध्ययन दल दौरे पर नहीं जा पाएगा, क्योंकि अध्ययन दल में सांसद और विधायक भी हैं।

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2016- 17 में शराब दुकानों का ठेका खत्म करके छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन बनाया। कॉर्पोरेशन के माध्यम से शराब दुकानें चल रही हैं, हालांकि कर्मचारी प्लेसमेंट एजेंसी के हैं। इस नीति का विरोध हुआ तो सरकार ने नई आबकारी नीति के लिए अध्ययन दल बनाया।

यह तय हुआ था कि दल ऐसे अलग-अलग राज्यों का दौरा करेगा, जहां कॉर्पोरेशन के माध्यम से सरकार शराब दुकान चलाती है, जहां शराबबंदी है और आदिवासी बहुल राज्य।

आठ महीने में दल ने ज्यादातर ऐसे राज्यों का ही दौरा किया है, जहां कॉर्पोरेशन के माध्यम से शराब दुकान संचालित हो रही है इसमें त्रिवेंद्रम (केरल), चेन्नई व कन्याकुमारी (चेन्नई) , केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली व पांडिचेरी शामिल है। शराबबंदी वाला केवल एक राज्य गुजरात है वहीं शराबबंदी वाले एक और राज्य बिहार व आदिवासी बहुल झारखंड का दौरा नहीं हो पाया है।

डीडी सिंह, आयुक्त, आबकारी ने कहा कि अभी विधानसभा सत्र चल रहा है। फिलहाल दल का बाहर जाना सम्भव नही है। सत्र खत्म होने के बाद सदस्यों से चर्चा की जाएगी।

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