Tuesday, August 14, 2018
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“करम पेंड “पर तेज हुई सियासत ,मिशनरीज के खिलाफ सड़क पर उतरे आदिवासी,थाने को दिया अल्टीमेटम

विश्व आदिवासी दिवस के दिन आदिवासियों की धार्मिक आस्था के प्रतीक करम पेंड को अनुचित समय मे तोड़कर अपवित्र करने का मामला अब सियासी रंग लेने लगा है। हिन्दू उरांव समाज ने आज सैंकड़ों महिलाओ के साथ मिलकर जशपुर नगर में एक बैठक आयोजित किया और बैठक के बाद बैठक की भीड़ रैली में तब्दील हो गई । सैंकड़ो की संख्या में लोग जशपुर कोतवाली थाना पहुचे और आस्था वृक्ष को अपमानित करने वालों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की ।
अखिल भारतीय जनजाति सुरक्षा मंच के द्वारा 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के नाम पर पवित्र करम पेड़ का अपमान करने और हिन्दू उराँव समाज के द्वारा fir करने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नही होने को लेकर मंच की बैठक तेतर टोली में बैठक के बुलाई गई थी । बैठक के बाद दोपहर 3 बजे तेतर टोली से मंच के लोग सीटी कोतवाली पहुच गए और पहुँचकर आरोपियों के तत्काल गिरफ्तारी के सम्बन्ध में ज्ञापन सौंपे।

 

 

क्या था मामला ?

 

विश्व आदिवासी दिवस पर जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजकों के द्वारा पवित्र करम डाल के अपमान करने को लेकर जशपुर क्षेत्र में जनजातीय समाज में आक्रोश व्याप्त है और इसको लेकर जशपुर के उराँव समाज के द्वारा सिटी कोतवाली जशपुर में fir की गई है ,
ज्ञात हो की 9 अगस्त को तथाकथित सर्व आदिवासी समाज के द्वारा विश्व आदिवासी दिवस के नाम पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमे पवित्र करम की डाल को बगैर उचित तिथि एवम् विधि विधान के आयोजन स्थल पर तोड़कर रखा गया था तथा उक्त कार्यक्रम में आये लोगो के द्वारा चप्पल जूते पहन कर उक्त डाल के साथ छेड़छाड़ किया जा रहा था तथा उसे नीचे गिरा कर उसे पैरों से रौंदा जा रहा था इतना ही नही कार्यक्रम समाप्ति के बाद उक्त करम की डाल को सड़क के किनारे फेंक दिया गया…जिसकी जानकरी हिन्दू उराँव समाज के लोगो को मिली जिस पर तत्काल उराँव समाज की महिला समिति एवम् अन्य लोग घटना स्थल पर उपस्थित हुए और करम डाल के अपमान को देख कर आक्रोशित हुए और सभी लोग तत्काल जशपुर थाने में इसके विरुद्ध शिकायत दर्ज कराये….जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए थाना प्रभारी जोगेन्द्र साहू और डिप्टी कलेक्टर नान साय भगत घटना स्थल पर पहुँचे, और उक्त करम डाल को सुरक्षित कर पंचनामा की कार्यवाही की गई और उपस्थित उराँव समाज की महिलाओ को उसे सम्मान विसर्जन हेतु सौंप दिए ,जिस पर उराँव समाज की महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती अंजू भगत के नेतृत्व में करम डाल का विधिवत पूजन कर उसे जलाशय में विसर्जित किया गया….
ज्ञात हो की तथाकथित आदिवासी दिवस के नाम पर ईसाई मिशनरियों के द्वारा अपने को आदिवासी साबित करने का प्रयास किया जा रहा है और उन्ही के द्वारा जानबूझकर उराँव समाज और हिन्दुओ की आस्था को चोंट पहुचाने की नियत से यह कार्य किया गया है उक्त बात जनजाति सुरक्षा मंच के जिला महामन्त्री लालदेव भगत ने कहा…. उन्होंने कहा की उक्त कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती रायमुनि भगत ने करम का अपमान नही करने की हिदायत भी आयोजकों को दिया गया था लेकिन उसके बाद भी आयोजकों के द्वारा करम का अपमान किया गया ,इसका मतलब यही है की ईसाइयो के द्वारा जानबूझकर हमारी आस्था को चोंट पहुचाया गया है इस पर पुलिस को कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए
उराँव समाज के सचिव रामकुमार राम ने कहा की इस विषय को लेकर समाज में काफी आक्रोश है और रविवार को समाज की बैठक आहूत की गई है जिसमे दोषियों के विरुद्ध कठोर क़ानूनी कार्यवाही करने की मांग की जायेगी और उक्त सम्बन्ध में रविवार को थाने में पुनः ज्ञापन सौंपा जायेगा

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