Wednesday, January 17, 2018
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मंत्री जी ! जब आपके चहेते आदमी का संविलियन हो सकता है तो हम शिक्षकर्मिओं का क्यों नहीं ?

रायपुर मुनादी

संविलियन पर शिक्षकर्मिओं को दो टूक मन करनेवाले पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर सवालों में घिरते नजर आ रहे हैं . शिक्षाकर्मी चंद्राकर का एक लेटर सोशल मीडिया में वायरल कर रहे हैं जिसमें उनके एक खास  चहेते का संविलियन किया गया है. अब शिक्षाकर्मी उनसे यह सवाल पूछ रहे हैं की जब आपके चाहते का संविलियन हो सकता है तब हमारा क्यों नहीं ?

एक तरफ जहाँ प्रदेश के पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर खुलकर यह बोल रहे हैं कि शिक्षाकर्मियों का संविलियन किसी कीमत पर नही होगा आज सोशल मीडिया में आज एक ऐसा पत्र घूम रहा है जो सरकार के दोहरे चरित्र को उजागर करता है । रायपुर जिला पंचायत के द्वारा जारी इस आदेश की कॉपी में 2008 में अश्वनी दुबे नाम के एक शिक्षाकर्मी के लिए संविलियन के आदेश जारी किए गए हैं ।आदेश क्रमांक 3342/वी- 2स्थापना 2008 के जारी आदेश में अश्वनी दुबे शीघ्रलेखन को विकास आयुक्त कार्यालय रायपुर में संविलियन किये जाने के आदेश है ….
2008 में किसी खाश शिक्षाकर्मी को संविलियन किये जाने के आदेश की कॉपी आज सुबह से ही सोशल मीडिया के लोगो को अचंभे में डाल रहा है ।लोग इस बात पर बहस करने में जुट गए हैं कि अगर संविलियन किसी भी सूरत में नही हो सकता या उसके पीछे कोई बड़ी तकनीकी दिक्कत है फिर किसी खाश के लिए तकनीकी दिक्कत क्यों नही आयी । या फिर सरकार जान बूझकर इस आंदोलन को स्टैंड रखना चाहटी है ।

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