Sunday, December 16, 2018
Home > Slider > दिनभर मंत्री समर्थक सोशल मीडिया में फैलते रहे अफवाह, मंजीत ने कहा भ्रम फैला रहे मंत्री

दिनभर मंत्री समर्थक सोशल मीडिया में फैलते रहे अफवाह, मंजीत ने कहा भ्रम फैला रहे मंत्री

 

रायपुर मुनादी ।

आय से अधिक संपत्ति मामले में पंचायत मंत्री अजय चन्द्राकर के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाली मनजीत कौर बल ने बुधवार शाम को कहा है कि मंत्री अजय चन्द्राकर की ओर से इस मामले को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। जबकि उनके और उनके सहयोगी याचिकाकर्ता कृष्ण कुमार साहू की ओर से कोई भी केस वापस नहीं लिया गया है।

मनजीत कौर ने कहा कि चूंकि इस मामले की सीबीआई जांच और सुप्रीम कोर्ट के जजों की निगरानी में जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में मांग की गई थी इसलिए एक ही केस दो अदालतों में एक साथ नहीं चल सकता है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस शर्त के साथ प्रकरण वापस लिया है कि उक्त प्रकरण को पुन: नए सिरे से जिला न्यायालय में शुरु किया जाए। इसे न्यायालयीन शब्दों में वापसी कहा जाता है। लेकिन इसका ये अर्थ कतई नहीं है कि प्रकरण वापस ले लिया गया है।

इस पूरे मामले को देखऩे के बाद ये स्पष्ट है कि मंत्री अजय चंद्राकर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति एवं कृष्ण कुमार साहू को मिली धमकी की संपूर्ण सुनवाई अब जिला न्यायालय में पुन: शुरु होगी।
जबकि इससे पहले इस बात को लेकर शहर में चर्चाएं जोरों पर थीं कि मनजीत कौर ने मंत्री चंद्राकर के खिलाफ दाखिल याचिका (केस) को वापस ले लिया है।

वहीं दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री के समर्थको द्वारा ये भ्रम फैलाया जा रहा था कि मंत्री के खिलाफ दायर आय से अधिक सम्पत्ति मामले को दोनो याचिकाकर्ताओं द्वारा वापस ले लिया गया है। अपनी दायर याचिका को कृष्ण कुमार साहू और डॉ. मनजीत कौर ने यह कहकर वापस लिया है कि, वह इस प्रकरण को लेकर सेशन कोर्ट (निचली अदालत) में ले जाना चाहते हैं। याचिकाकर्ता कृष्ण कुमार साहू और डॉ. मनजीत कौर के अधिवक्ता शान्तनु कुमार ने 22 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। 
उल्लेखनीय है कि, इस संबंध में बुधवार को जस्टिस, एस.अब्दुल नजीर और जस्टिस, एनव्ही रमन युगल पीठ में सुनवाई होने वाली थी। इसके पहले याचिकाकर्ताओं द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर में जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच में याचिका लगाई गई थी, जिसे उच्च न्यायालय ने पहले ही खारिज कर दिया गया था।
इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी, कुरूद के वरिष्ठ कार्यकर्ता, भानु चन्द्राकर ने अपने बयान में कहा था कि, हमेशा सत्य की जीत होती है। इसका निर्णय उच्च न्यायालय द्वारा पहले ही कर दिया गया है। पंचायत मंत्री के खिलाफ राजनीति से प्रेरित होकर, यह मनगढ़त प्रकरण तैयार कर, उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया। 
भानु चन्द्राकर ने कहा कि, यह अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस की नियत और नियति को उजागर करता है। वह व्यक्तिगत आलोचना पर विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्य के विकास से उन्हे कोई लेना-देना नहीं है। चन्द्राकर ने यह कहा कि, पंचायत मंत्री के व्यक्तित्व और कृतित्व पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने लोक हितकारी फैसला देकर जन आंकाक्षाओं को मजबूती दी है। न्यायालय के इस फैसले से न केवल न्याय की जीत हुई है, बल्कि पंचायत मंत्री की छवि और भी उज्ज्वल हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *