Monday, December 17, 2018
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आईये,पत्थलगांव के इस चीखते- कराहते चौराहे का दर्द से रु-ब-रु होते हैं …

अतुल त्रिपाठी के साथ बबलू तिवारी की मुनादी ।।

पत्थलगांव इलाके में बढ़ता ट्रैफिक इन दिनों नागरिकों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है यातायात का इतना दबाव बढ़ चुका है कि लोग लगातार सड़क जाम का शिकार हो रहे हैं जिसका प्रमुख कारण शहर का बढ़ता अतिक्रमण है जगह जगह बेजा कब्जा होने से नगर के मुख्य तीनो सड़क प्रभावित हैं जिनमे पार्किंग न होने से रोज खासी दिक्कत हो रही है यहां तक पत्थलगांव के मुख्य इंदिरा चौक भी इसके चपेट से नही बच सका है इंदिरा चौक के आसपास का इलाका पूरी तरह से अतिक्रमण का शिकार है जहां व्यापारियों ने 50 फीट से अधिक शासकीय भूमि पर कब्जा कर रखा है जिसके कारण भारी वाहनों के प्रवेश के साथ ही जाम की समस्या पैदा हो जाती है लेकिन अब तक अतिक्रमण पर कार्रवाई न होने से स्तिथि लगातार बड़ी होती जा रही है जिसका निराकरण यहां के एसडीएम,तहसीलदार नही कर पा रहे हैं जो अपने आप मे प्रशासन की निष्क्रियता को साफ दिखला रहा है ।।

 

 

इंदिरा चौक है राजनीतिक मामला –

 

 

अक्सर देखा जाता है कि जब भी अतिक्रमण की कार्रवाई या उसके निदान के लिए कोई पहल प्रशासन द्वारा की जाती है तो पार्टी विशेष से जुड़े लोग पूरे मुद्दे को चौक पर ला छोड़ते हैं गौरतलब है कि 2004 की नपं परिषद द्वारा भारी मसक्कत से इस चौक के निर्माण एवं इसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा लगाने की स्वीकृति में भारी रोड़े आये थे जिसे कड़ी मसक्कत से नपं द्वारा निर्माण किया गया था जिसके बाद शुरू से ही चौक के नाम पर राजनीति की जाती है लेकिन सवाल यह है कि शहर के एकमात्र चौक का विरोध करना कितना लाजमी है क्योंकि मामला अतिक्रमण का है जो पूरे शहर में व्याप्त है लेकिन प्रशासन को भी इस बारे में सोचना चाहिए कि बार बार सिर्फ अतिक्रमण हटाने की बात हमेशा की तरह सिर्फ हवा में रहेगी या धरातल पर भी कोई कार्य हो पायेगा जिससे जनता त्रस्त हो चुकी है ।।

 

 

अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा —

 

अतिक्रमण के फैले मकड़जाल के बीच अब नागरिकों की  बैठक के बाद एसडीएम पीवी खेस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है लेकिन अब देखना होगा कि क्या कार्रवाई हो पाती है या फिर से एक बार शहर  विकास की अधूरी कल्पना ही रह जावेगी ????

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