Friday, December 14, 2018
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कौशल्या साय -चौका बर्तन से निकलकर राजनीति की चौराहे की ओर

जशपुर मुनादी 

 

 

सियासी परिवार के होने के बावजूद अबतक सियासत से काफी दूर रहकर घर परिवार और गृहस्थ जीवन मे मगन रहने वाली केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय की पत्नि कौशल्या साय इन दिनों अपने बेबाक भाषण को लेकर काफी चर्चा में हैं ।अभी हाल ही में रायगढ़ शहर के आडोटोरियम में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर लगातार दो कार्यक्रमो म बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं और दोनों कार्यक्रमो में एक सधी हुई वक्ता की तरह नारियों के सामाजिक सम्मान में जिस बेबाकी से संदेश दिया वह न केवल आत्मसात करने के लायक और लीगों को बार बार तालियां बजाने पर मजबूर कर रहा था। हो सकता है कि इससे पहले भी श्रीमती साय कई और मंच में भी शामिल हुई हो और माइक पकड़कर संदेश दिया हो लेकिन रायगढ़वासियों को पहली बार उनकी बातों को सुनने का मौका मिला और लोग चकित भी इसीलिए थे ।हम आपको बता दें कि इसी मंच से श्रीमती साय ने बेटियों के अलावे देश बेटों के लिए भी अपनी राय को बेबाकी से रखते हुए कहा कि बेटी दिवस ही क्यों देश मे बेटा दिवस भी मनाया जाना चाहिए ।इनका यह बयान मीडिया और सोशल मीडिया में काफी सुर्खियों में रहा ।
बहरहाल चुनावी वर्ष है और जब बात किसी सियासी घराने की हो तो जाहिर है लोगों ने श्रीमती साय में भी सियासी सम्भावनाओं को भी तलाशना शुरू कर दिया है। अभी से ही अनुमान लगाया जाने लगा है कि आने वाले चुनाव में इनकी अहम भूमिका हो सकती है ।चुनाव लड़ें या न लड़ें लेकिन अपने पति के सियासी कौशल को आगे बढाने के लिए खुलकर राजनीति में आ सकती है ।

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