Tuesday, June 18, 2019
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कागज पर लिखा तलाक और कहा ले जाओ अपनी बेटी, फिर क्या हुआ..

जहां लोगों को तलाक लेने में सालों लग जाते हैं वहीं एक युवक ने सादे कागज पर तलाक देकर ही अपनी पत्नी को छोड़ दिया। हैरत की बात यह है कि पुलिस ने भी इस पर कोई करवाई नहीं कि है।

सारंगढ़ के भटगांव निवासी एक युवती को उसके पति ने ससे कागज पर तलाक लिखकर तलाक दे दिया। पीड़िता ने थाने से लेकर SP तक के दरवज्व का चक्कर लगा चुकी लेकिन आरोपियों का कुछ नहीं बिगड़ा।

भटगांव, सारंगढ़ निवासी अमृतलाल की बेटी की शादी जांजगीर चाम्पा जिले के कुरदा गांव के अजय खूंटे से हुई थी। कुछ दिन सामान्य ढंग से रहने के बाद ससुराल वालों और पति ने मोटरसायकिल के लिए प्रताड़ित करने शुरू कर दिया, इस बीच उसका एक बच्चा भी हो गया लेकिन ससुराल वालों का जुल्म कम नहीं हुए। पीड़िता के अनुसार उसके सतज पति ने मारपीट करने भी शुरू कर दिया। उसजे घर में बंद कर पिटाई की जाती थी तब उसने अपने पिता को उसकी जानकारी दी। पिता के आनेपर अजय में एक कोरे कागज इन लिखा कि मैं इसे नहीं रख पाऊंगा। और उसे उसके पिता के साथ मायके भेज दिया। इसके बाद पीड़ितों ने थाने के दरवाजे खटखटाये पर सुनावई नहीं हुई। पीड़ित का कहना है कि दहेज उत्पीड़न की धारा आरोपियों पर लगाई जाय। पुलिस ने परिवार सलाह केंद्र में पति पत्नी को बुलाया जिसपर भी कोई कार्रवई नहीं हो पाई है।

कहा ले जाओ अपनी बेटी

जहां लोगों को तलाक लेने में सालों लग जाते हैं वहीं एक युवक ने सादे कागज पर तलाक देकर ही अपनी पत्नी को छोड़ दिया। हैरत की बात यह है कि पुलिस ने भी इस पर कोई करवाई नहीं कि है।

सारंगढ़ के भटगांव निवासी एक युवती को उसके पति ने ससे कागज पर तलाक लिखकर तलाक दे दिया। पीड़िता ने थाने से लेकर SP तक के दरवज्व का चक्कर लगा चुकी लेकिन आरोपियों का कुछ नहीं बिगड़ा।

भटगांव, सारंगढ़ निवासी अमृतलाल की बेटी की शादी जांजगीर चाम्पा जिले के कुरदा गांव के अजय खूंटे से हुई थी। कुछ दिन सामान्य ढंग से रहने के बाद ससुराल वालों और पति ने मोटरसायकिल के लिए प्रताड़ित करने शुरू कर दिया, इस बीच उसका एक बच्चा भी हो गया लेकिन ससुराल वालों का जुल्म कम नहीं हुए। पीड़िता के अनुसार उसके सतज पति ने मारपीट करने भी शुरू कर दिया। उसजे घर में बंद कर पिटाई की जाती थी तब उसने अपने पिता को उसकी जानकारी दी। पिता के आनेपर अजय में एक कोरे कागज इन लिखा कि मैं इसे नहीं रख पाऊंगा। और उसे उसके पिता के साथ मायके भेज दिया। इसके बाद पीड़ितों ने थाने के दरवाजे खटखटाये पर सुनावई नहीं हुई। पीड़ित का कहना है कि दहेज उत्पीड़न की धारा आरोपियों पर लगाई जाय। पुलिस ने परिवार सलाह केंद्र में पति पत्नी को बुलाया जिसपर भी कोई कार्रवई नहीं हो पाई है।

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