Friday, September 21, 2018
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भरपूर बारिश के बाद भी जिला सूखाग्रस्त घोषित, अधिकारी लेंगे सूखाराहत का लाभ

 

रायगढ। मुनादी ।।
राज्य सरकार ने 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोसित किया है, जिसमें रायगढ के 6 तहसीलों का नाम भी शामिल है। जिले में पिछले साल हुई औसत बारिश पर गौर किया जाए तो गत वर्ष 1283.3 मिमी बारिष दर्ज की गई थी, जबकि इस साल सितंबर के दूसरे सप्ताह तक 1249.1 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। याने इस बार केवल 34.2 मिमी बारिश कम हुई है। ये स्थिति तब है जबकि अभी सितंबर का माह खत्म होने के लिए एक पखवाडे का समय बाकी है। मौसमविदों की मानें तो सितंबर के आखिरी तक बरसात होती है। लेकिन ये बात शासन प्रशासन के गले नहीं उतर रही है। यही वजह है कि इस बार जिले के आधे दर्जन तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। सूखा प्रभावित तहसीलों के लिए कार्ययोजना भी तैयार हो चुकी है।

जिले में हुई बारिश का रिकार्ड सरकारी है। शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश हुई इसके बाद बीच में बारिश का कहीं पता नहीं चल रहा था। जिले में खंडवर्षा का असर भी देखा गया है। बहरहाल मुद्दे की बात की जाए तो इस साल के खरीफ वर्ष में रायगढ ब्लाक में 1468.1 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष यहां 1481.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इसी तरह पुसौर में अब तक 1514.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है जबकि पिछले साल यहां 1526.9 मिमी बारिश हुई थी। सारंगढ में भी इसी तरह की स्थिति सामने आ रही है। आंकडों पर गौर करें तो यहां अब तक 1056.5 मिमी औसत बारिश दर्ज हुई है, जबकि पिछले साल यहां सिर्फ 753.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। बरमकेला की बात की जाए तो यहां भी इस साल 1051.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है जबकि पिछले साल यहां 795.7 मिमी बारिश हुई थी। तमनार में अब तक 1180.7 मिमी बरसात हुई है जो कि पिछले साल के मुकाबले मात्र 40 मिमी कम है। इसी तरह धरमजयगढ में इस साल सबसे कम बारिश का रिकार्ड है। आंकडों पर गौर करें तो यहां पिछले साल 2458.3 मिमी बारिश हुई थी लेकिन इस साल यहां केवल 1385.5 मिमी औसत बारिश ही दर्ज की गई है। अब तक की स्थिति का आंकलन करें तो जिले के धरमजयगढ ब्लाक को ही सही मायने में सूखाग्रस्त तहसील घोषित किया जा सकता है। लेकिन यहां सरकारी तंत्र के हावी होने के चलते जिले के 6 तहसीलों को अकाल घोषित करना समझ से परे है।

कैसे बना कार्ययोजना

अल्पवर्षा के कारण जिले की खरीफ फसलों की स्थिति प्रभावित होने की आषंका पर अनेक कार्ययोजनाओं को लाया जा रहा है। इसके लिए प्रमुख सचिव की ओर से आदेश जारी किया गया है। आदेश के अंतर्गत वषा की दैनिक समीक्षा, खरीफ फसलों का नजरी आंकलन, सिंचाई के साधनों की व्यवस्था, बीज खाद की व्यवस्था, नियमित विद्युत प्रवाह तथा विद्युत पंपों में विद्युतीकरण, पेयजल व निस्तारी की व्यवस्था, पषुचारे की व्यवस्था के अलावा सूखा प्रभावितों को रोजगार दिलाने के लिए प्रारुप तैयार किया जा रहा है।

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