Monday, December 10, 2018
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 झीरम घाटी नर संहार का सच, कहीं हमेशा के लिए दफन होकर न रह जाए, राजनीतिक इच्छा शक्ति का अभाव या फिर सत्ता का मोह,

रायगढ़ मुनादी।

 झीरम घाटी की पांचवी बरसी पर प्रदेश भर में लोग अपने चहेते नेताओं को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। नम आंखों से समाधि स्थल पर पहुंच कर न सिर्फ अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं बल्कि यह भी पूछ रहे हैं कि क्या यह नर संहार का सच कभी सामने आ भी पाएगा या नहीं या हमेशा के लिए यह एक रहस्य बनकर लोगों के दिलो दिमाग को कचोटता रहेगा। विशेषकर उस परिवार के लिए जहां किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी पिता, भाई व पति खोया, क्या झीरम घाटी का सच कभी बाहर निकल कर आ भी पाएगा या नहीं।

जिले में भी आज कांग्रेसियों ने झीरम घाटी में शहीद अपने प्रिय चहेते नेताओं को नम आंखों से श्रद्धा सुनम अर्पित करते हुए जिम्मेदारों से पूछा कि क्या कभी झीरम का सच बाहर निकल कर आएगा। आज कांग्रेसियों की टीम अलग-अलग जगहों पर अपने-अपने तरीके से झीरम घाटी के शहीदों की याद में कार्यक्रम आयोजित किया और पूछा कि आखिर कब झीरम घाटी के नरसंहार का सच बाहर आएगा। झीरम घाटी के सच को उजागर करने के लिए अब तक सत्ता पक्ष ने अपनी राजनीतिक इच्छा शक्ति से कभी कोशिश नहीं किया। हां इतना जरूर है कि आम जनता को भुलावे में रखने के लिए एनआईए, सीबीआई और न जाने किन-किन तरीकों से लोगों की आंखों में धूल झोकने का प्रयास किया।

बताया तो यह भी जाता है कि झीरम घाटी नरसंहार का सच सरकार भी जानती है और इसके पुख्ता प्रमाण भी है लेकिन राजनीतिक इच्छा शक्ति और सत्ता का मोह सच को उजागर नहीं होने दे रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि यदि सच उजागर हो गया तो कई राजनीतिक दिग्गजों का राजनैतिक कैरियर हमेशा के नेस्तनाबुत हो जाएगा और यही वजह है कि सच्चाई को उजागर नहीं किया जा रहा है।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्रदेश के बड़े नेताओं के मामले में जब न्याय नहीं मिल पा रहा है तो ऐसे में आम जनता एक निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कैसे कर सकती है।

शहर में कांग्रेस व युवा कांग्रेस द्वारा अपने अपने चहेते नेता शीतल पेयजल का वितरण किया गया तो वहीं सत्तीगुड़ी चौक में नगर कांग्रेस सत्तीगुड़ी चौक में लोगों खीचड़ी वितरण किया गया और शीतल पेयजल का वितरण किया गया। इसी तरह से युवा कांग्रेस द्वारा जिला प्रशासन को काली पट्टी बांध कर झीरम घाटी नर संहार का सच उजागर करने मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

सिर्फ जिला मुख्यालय ही नहीं वरन खरसिया, नंदेली, धरमजयगढ़, सारंगढ़ बरमकेला में भी कांग्रेसियों द्वारा अपने चहेते नेताओं की याद में कहीं अस्पताल में मरीजों को फल वगैरह का वितरण किया गया तो कहीं और किसी तरह से शहीदों की याद में कार्यक्रम आयोजित किया।

सभी जगहों पर आयोजित झीरम घाटी की पांचवी बरसी के मौके पर एक ही सवाल उठाया गया कि आखिर झीरम घाटी का सच सामने कब आएगा। क्या सरकार कभी झीरम घाटी के सच को सामने लाने देना चाहेगी।

युवा कांग्रेस कलेक्टोरेट के सामने काला कपड़ा पहन कर प्रदर्शन किया और झीरम घाटी नर संहार का खुलासा करने की मांग की गई।

झीरम घाटी मे शाहिद स्वर्गीय नंदकुमार पटेल एवं दिनेश पटेल, महेंद्र कर्मा विनय मुदलियार एवं अन्य नेताओं, जवानों के आमजन के बरसी 25 मई को जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ द्वारा विनम्र श्रद्धांजलि, श्रद्धा सुमन अर्पण, शोक सभा का आयोजन किया गया….

         कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय जिला कांग्रेस कमेटी में सभी नेताओं की पूण्यतिथि में सर्वप्रथम पुष्प अर्पण पूजा पाठ के साथ कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया।  उक्त आयोजन में स्थानीय गुरुद्वारा संघ की ओर से शबद कीर्तन का कार्यक्रम रखा गया सिक्ख संतो की उपस्थिति एवं उनके प्रवचन जीवन मे आध्यत्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा को ही जीवन के असल सत्य की संज्ञा दी गई।

सिक्ख संतो के आशीर्वाद वचन के पश्चात स्वर्गीय नंद कुमार पटेल के सुपुत्र एवं खरसिया विधायक उमेश नंद कुमार पटेल की उपस्थिति के पश्चात आध्यात्मिक संज्ञा दिव्य जीवन संघ की ओर से सत्संग  भजन एवं प्रार्थना  का कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया।

अपने पिता एवं बड़े भाई की श्रद्धांजलि सभा के अवसर खरसिया विधायक उमेश पटेल को भावुक मुद्रा मे देखा गया, तत्पश्चात भजन के साथ आरती की गई एवं मौन धारण कर शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि सभा का समापन किया गया।

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