Monday, December 10, 2018
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घरवापसी अभियान के तर्ज पर पूर्व मंत्री गणेश राम ने क्यों शुरू किया “जाति” भीतर अभियान?

सुनीता गुप्ता की मुनादी।।

एक जमाने मे भाजपा के दिवगंत सांसद और घरवापसी अभियान के महानायक स्व दिलीप सिंह जूदेव के काफी करीबी रहे छग के पूर्व आजाक मंत्री गणेश राम भगत इन दिनों घरवापसी अभियान के पैरलर में “जात भीतर”अभियान चला रहे हैं । 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से टिकट देने में की गयी आना कानी के बाद भगत “जात भीतर “अभियान चलाने में जूट गए हैं ।यह अभियान भी स्व जूदेव के घरवापसी अभियान के उद्देश्यों से मिलते जुलते होने के बावजूद थोड़ा अलग है ।

27 परिवार के 128 लोगों को कराया जात भीतर

इससे पहले की जात भीतर के बारे में हम आपको बताए पहले यह बता दें कि अभी जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र के चिकनी पानी मे वर्षों पहले हिन्दू धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म अपना चुके 27 परिवार के 128 लोगो को जात भीतर किया गया है । 27 परिवार के 128 सदस्य अपने मूल सनातनी हिन्दू धर्म मे वापस आये।विधिवत सम्पूर्ण कारवाही की गई तथा सामाजिक रीति रिवाज से पूजा अर्चना कर जात भीतर का कार्यक्रम पूर्ण किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व मंत्री गणेश राम भगत कर रहे थे ।उन्होंने  सभी वापस आये सदस्यों को मंच पर पुष्प भेंट कर उन्हें गले लगाकर वापसी और इनके पुनर्वास की व्यवस्था का संकल्प लिया।।

 

क्या है जात भीतर ?

 

जात भीतर का अर्थ है जो जिस जाति से धर्मान्तरित हुए उन्हें उसी जाति में सामाजिक रीति रिवाज से पारंपरिक रूप से अपनी ही जाती में सहर्ष स्वीकार कर रोटी और बेटी के संबंध निभाते हैं। बताया जाता है कि जात भीतर कार्यक्रम से पहले यह पता किया जाता है कि अमुक व्यक्ति पूर्व में किस जाति का था।जाति पता चलने पर उस जाति के मुखिया से मशविरा कर दूसरे धर्म मे गए व्यक्ति के जात भीतर को लेकर सहमति बनाई जाती है ताकि समाज मे वापस आये व्यक्ति को बेटी और रोटी के रिश्ते में कोई दिक्कत न आये ।मुखिया की सहमति के बाद जात भीतर की एक नोटरी तैयार की जाती है ।नोटरी में जात भीतर होने वाले और उसके समाज के मानिंद लोगो के हस्ताक्षर कराए जाते है ।इसके बाद परम्परागत पूजा पाठ और बाजे गाजे के साथ उसे पुनः उसी जाति में वापस लाया जाता है जिस जाति से निकलकर वह दूसरे धर्म मे गया था ।

 

कौन कौन हुए शामिल?

कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के बीरबल साय जी,सत्यप्रकाश तिवारी,रमाशंकर पांडेय,लालदेव भगत,मंगरा राम,नयु राम,बलराम भगत,रोशन साय,रम्मू शर्मा और बिषु शर्मा तथा सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित हुए।।

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