Thursday, April 19, 2018
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कमला नेहरू पार्क में संविधान और लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों पर हुई गोष्ठी किसने क्या कहा जानने के लिए पढ़े ….

रायगढ़ मुनादी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जन नायक रामकुमार अग्रवाल की 9वीं पुण्यतिथि के अवसर पर कमला नेहरू पार्क में संविधान और लोकतंत्र के समक्ष चुनौतिया विषय पर संगोष्ठी का आयोजन जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा रायगढ़ द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं प्रतिष्ठित एडवोकेट शालिनी गेरा तथा संघर्ष शील साथी आलोक शुक्ला,संयोजक छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन रायपुर, शिव शरण पांडे, डॉ राजू अग्रवाल, बासुदेव शर्मा रहे।
रामकुमार अग्रवाल की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन पश्चात आलोक शुक्ला ने जननायक पूर्व विधायक रामकुमार अग्रवाल द्वारा केलो नदी के पानी के दुरूपयोग रोकने के लिए किए संघर्ष गाथा याद दिलाकर श्रद्धांजलि देकर हमारे देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनता न्याय मांगने न्यायालय जाती है आज न्यायालय जनता से न्याय मांग रही है। अद्भुत विचित्र स्थिति निर्मित हो रही है आज संविधान से सेकुलर तत्व को हटाकर, संविधान को बदल कर हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश हो रही है। संवैधानिक संस्थाओं के अधिकार कम करने की कोशिश हो रही है। लोग चुनाव आयोग, शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहे हैंञ्। सरकार शिक्षा को नीजी क्षेत्र में ले जाना चाहती है यह गरीबों को शिक्षा से वंचित करने की साजिश हो रही है धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाया जा रहा है।
आज संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करने और संसाधनों को आमजन के हित में बचाने की जरूरत है। समाज को बचाना होगा संविधान की रक्षा करनी होगी।
मुख्य वक्ता शालिनी गेरा ने अपने उद्बोधन में अपने एक अधिवक्ताओं के रुप द्वारा बस्तर जगदलपुर में किए गए कार्य की जानकारी देकर बताया कि वहां न्याय व्यवस्था तथा प्रशासन की हालत बहुत बुरी है। एक गंभीर समस्या नक्सलवाद तो है लेकिन वहां के आदिवासियों को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने इस संबंध में कुछ पोलिस केस की जानकारी विस्तार से दी। आगे बताया बस्तर जैसे क्षेत्र के गांवों में संविधान, लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं है।
समाज सेवी राधे श्याम शर्मा कहा कि हमारे प्रतिनिधि संविधान की शपथ लेकर पद ग्रहण करते हैं लेकिन वे संविधान को कभी पढ़ते नहीं।
नरेंद्र पर्वत शिक्षक ने कहा हम स्कूलों में प्रार्थना के समय हमारे संविधान की प्रस्तावना को क्यों नहीं पढ़ते? संविधान की रक्षा करना हमारा धर्म है। उसकी पूजा नहीं, उसे हम पढ़ें समझें।
अधिवक्ता विष्णुसेवक गुप्ता ने कहा हमें सच बोलने में डर लग रहा है इसका मतलब हम स्वतंत्र नहीं हैं। संविधान का पालन नहीं हो रहा है क्या खाप पंचायतों के आदेश संविधान अनुरूप है? आज सच सुनना सच कहना देशद्रोह कहा जा रहा है यह आसन्न खतरा है हमारे संविधान के लिए।
गोष्ठी के दौरान जिला ट्रेड युनियन रायगढ़ के अध्यक्ष गणेश कछवाहा ने मंच संचालन किया। वहीं इस दौरान कमला नेहरू पार्क में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी वर्ग व आम नागरिक उपस्थित होकर वक्ताओं की बातों को सुना और उसका समर्थन किया।

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