Tuesday, December 11, 2018
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आईजी दुर्ग ने ली रेंज के पुलिस अधीक्षकों की मीटिंग, मतगणना के लिये पुख्ता पुलिस बंदोबस्त करने तथा लंबित प्रकरणों …..

 

दुर्ग मुनादी।

जी. पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज द्वारा आज दिनांक 05.12.2018 को रेंज कार्यालय, दुर्ग में रेंज के पुलिस अधीक्षकों की क्राइम मीटिंग ली गई। मीटिंग में सभी पुलिस अधीक्षकगण एवं अन्य राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।
मीटिंग में सभी जिलों के आपराधिक स्थिति तथा दिनांक 11.12.2018 को मतगणना स्थल पर लगाये जाने वाले पुलिस बंदोबस्त की समीक्षा की गई।

*श्री सिंह द्वारा मतगणना स्थल पर पुलिस बंदोबस्त लगाने के संबंध में पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि:-*

11.12.2018 को मतगणना के दौरान मतगणना स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में एक्सेस कंट्रोल के सिद्धान्तों का पालन करते हुए zero error पुलिस बंदोबस्त लगाया जावे। धारा 144 का पालन सुनिश्चित किया जावे। मतगणना स्थल पर जिला प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यथोचित पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जावे। पत्रकारों, सुरक्षा बलों, प्रत्याशियों एवं राजनीतिक दलों के एजेण्टों के मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिये स्पेसिफिक व्यवस्था हो, अलग-अलग स्थलों के लिये अलग-अलग रंग के प्रवेशपत्रों की व्यवस्था रखी जावे, ताकि किसी तरह की भ्रांति न हो। पार्किंग के लिये भी प्रवेशपत्र की व्यवस्था रखी जावे। मतगणना स्थल के आसपास प्रतिबंधित स्थलों पर अनाधिकृत व्यक्तियों को न तो प्रवेश दिया जावे न ही आसपास व मार्ग में कहीं पर भीड एकत्रित होने दी जावे। सुनिश्चित किया जावे कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुरूप प्रतिबंधित वस्तुयें मतगणना स्थल के अंदर न ले जाया जा सके। इसके लिये जिला प्रशासन, राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों व एजेण्टों के साथ संयुक्त मीटिंग लेकर पूर्व से सुनिश्चित कर लिया जावे। मीटिंग में पुलिस द्वारा की जा रही सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी जावे, ताकि सब को व्यवस्था की जानकारी रहे तथा स्टेक होल्डरों के कार्य में किसी तरह की बाधा न हो। पुलिस व्यवस्था एवं प्रतिबंधित वस्तुओं के संबंध में भी मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार कराया जावे। विजयी प्रत्याशियों के जुलूस, शहर की कानून व्यवस्था एवं आपात स्थितियों के लिये भी पृथक से व्यवस्था रखी जावे, ताकि शहर में अथा मतगणना स्थल मे किसी तरह की अव्यवस्था न हो। सुनिश्चित किया जावे कि आदर्श आचरण संहिता का पालन करते हुए विधिवत अनुमति के उपरांत ही जुलूस निकाली जावे, इस बाबत् मीटिंग में प्रत्याशियों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया जावे कि वैध अनुमति के बिना जुलूस निकाले जाने की स्थिति में किस तरह की वैधानिक कार्यवाही हो सकती है।

*रेंज पुलिस महानिरीक्षक द्वारा रेंज के जिलों में लंबित अपराधों, चालानों एवं मर्ग आदि की समीक्षा कर निर्देशित किया गया। जिला दुर्ग में लंबित 1413, राजनांदगांव में लंबित 1172, कबीरधाम में लंबित 288, बेमेतरा में लंबित 423 तथा बालोद मंे लंबित 452 इस प्रकार रेंज स्तर पर कुल लंबित 3748 अपराधो का विशेष अभियान चलाकर 15 दिवस के भीतर निकाल सुनिश्चित किया जावे। इस हेतु संबंधित पुलिस अधीक्षक अपने जिले के संबंधित पर्यवेक्षणीय अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की मीटिंग लेकर निकाल हेतु समुचित पहल करें तथा सुनिश्चित करें कि वर्ष की समाप्ति पर थानों में 10 प्रतिशत से अधिक प्रकरण लंबित न हो। इसी तरह लंबित चालानों तथा मर्गों का भी 15 दिवस के भीतर निकाल कराया जावे।

एफएसएल में लंबित प्रकरणों की सूची एफएसएल अधिकारी को उपलब्ध कराकर, लंबित प्रकरणों में प्राथमिकता से रिपोर्ट प्राप्त कर माननीय न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का निराकरण कराया जावे।

ऽ थाना प्रभारीगण थाने में अधिक से अधिक समय तक उपस्थित रहें। प्रातः समय पर थाना आयें और प्रार्थियों को सुनें। उनकी रिपोर्टों पर सार्थक कार्यवाही करावें। थानों में आये आवेदकों के साथ सदव्यवहार हो। किसी भी पीडित को थाना सीमा के नाम पर इधर-उधर भागना न पडे अर्थात बार्डरलेस पुलिसिंग कराई जावे, ताकि प्रार्थी अपने निकट के थाने में जाकर अपनी रिपोर्ट दर्ज करा सके, अन्य थाना क्षेत्र का मामला होने की स्थिति में जीरो पर अपराध कायम कर प्रारंभिक जांच उपरांत डायरी संबंधित थाने को भेजी जावे।

ऽ पीड़ित पक्ष को जिन प्रकरणों में शासन स्तर पर राहत राशि अथवा मुआवजा देने का प्रावधान है, वैसे प्रकरणो में पीडित पक्ष को जानकारी देकर औपचारिकताओं की पूर्ति कराकर मुआवजा प्रकरण समय पर तैयार कर भिजवायें, ताकि पीडितो कों समय पर राहत राशि प्राप्त हो सके।

ऽ पुलिस की व्हिजिबिलिटी में सुधार लायें। सघन एवं प्रभावी गश्त/पेट्रोलिंग कराई जावे। स्वयं थाना प्रभारी अपने स्टाफ के साथ प्रतिदिन शाम को पैदल अपने क्षेत्र के भ्रमण पर निकलें, अडडेबाजी एवं मजमेबाजी करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करें।

ऽ समंस/वारंटो, विशेषकर स्थाई वारंटों की तामीली में सुधार लायें। वारंटों का वर्गीकरण किया जाकर गंभीर प्रकरणों के वारंटों की तामीली प्राथमिकता से करायी जावे।

ऽ वेलफेयर के तहत पुलिस लाईन, दुर्ग में एक उत्तम जिम स्थापित किया गया है। जिसका पुलिस परिवार के लगभग 100 लोग प्रतिदिन लाभ ले रहे हैं। इसी तरह का जिम सभी जिला पुलिस लाईनों में स्थापित कराया जावे, जिसके लिए सभी पुलिस अधीक्षकों को बजट उपलब्ध कराया जा चुका है।

ऽ परोपकार निधि के तहत मृत कर्मचारी के परिजनों को 24 घण्टे के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान है, जिसका पालन किया जावे। किसी भी मृत अथवा शहीद कर्मचारी के परिजनों को किसी तरह की कठिनाई न हो इसका ध्यान रखें।

ऽ जहां पर पुलिस पेट्रोल पम्प संचालित नहीं है, उसके लिये प्रस्ताव भेजकर स्वीकृति लेकर पुलिस पेट्रोल पंप संचालित किया जावे।

 

श्री सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षकों को सिटीजन काप एप की उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा सिटीजन काप एप के जिला दुर्ग में लंबित 277, कबीरधाम में लंबित 22, राजनांदगांव में लंबित 12, जिला बालोद में लंबित 21 तथा बेमेतरा में लंबित 38 कुल 370 शिकायतों का त्वरित निराकरण कराने के लिये निर्देशित किया गया।

 

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