Friday, August 23, 2019
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कोर्ट में याचिकाकर्ता कह रहा आद्योगिक से बीमारी फ़ैल रही टीवी, प्रशासन कह रही ऐसा कुछ नहीं अब आगे क्या ………

रायगढ़ मुनादी।

 

 

ज़िले वासियो को औद्योगिक विकास का खामियाजा तो भुगतना पड़ ही रहा है औद्योगिक विकास हो ये सब चाहते है लेकिन इसका पैमाना क्या होना चाहिए इस पर कोई चिंतन नहीं करता है। ओद्योगिक विकास के साथ ओद्योगिक कचरे का सही निपटारा नहीं होने का खामियाजा लोगो को कई तरह से भुगतना पड़ता है। ऐसा ही ज़िले उद्योग प्रभावित गाव व आस पास के रहवासियों पर किस तरह से विपरीत प्रभाव पड़ेगा इस प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से हमेशा ही मुह मोड़े नजर आई शिकायत पर यदा कदा छूट पुट कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी को खानापूर्ति कर इतिश्री किया जाता रहा है। यही वजह है कि लोगो को कोर्ट का दरवाजा खट खटाना पड़ता है। ऐसा ही पूंजी पथरा ओद्योगिक क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ हुआ।

रायगढ़ जिले में औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले फ्लाई एस के कारण पूंजीपथरा गांव व इसके आस पास 5 गांवों के ग्रामीणों को ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) की बीमारी हो रही है। इसे लेकर हाईकोर्ट में ग्रामीण तेज राम मांझी ने जनहित याचिका दायर की थी। इस पर बीते गुरुवार को हाईकोर्ट ने रायगढ़ जिला प्रशासन को 3 माह के अंदर सभी ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। प्रशासन की अनदेखी व दिखावे के लिए स्वास्थ्य कैंप आयोजित कर कागजी खानापूर्ति कर दिया जाता है जबकि ग्रामीणों का आरोप है गाव के लोगो में फ्लाई ऐश व आद्योगिक डस्ट की वजह से कई तरह की बीमारी घर कर रही अधिकाँश लोगो में टी वी जैसी बीमारी घर घर में दस्तक दे चुकी है। लगभग हर घर में कोई न कोई टी वी की बीमारी से ग्रसित हो चूका है प्रशासन की अनदेखी की वजह से एक ग्रामीण ने इसे हाइ कोर्ट में ले जाया गया जहाँ से ग्रमीण की याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला प्रशासन को 3 माह में प्रभावित गाव के लोगो का स्वस्थ्य परिक्षण करा कर रिपोर्ट सौपने का आदेश कोर्ट ने दिया है।

दरअसल, रायगढ़ जिले के ग्राम पूंजीपथरा में बहुतायत मात्रा में औद्योगिक क्षेत्र लगा हुआ है. इस औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले फ्लाई एस के कारण लोग टीबी जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. वहीं के रहवासी तेजराम मांझी ने पूर्व में हाईकोर्ट में याचिका लगाकर इस बीमारी से पीड़ित हो रहे ग्रामीणों को लेकर जनहित याचिका दायर की थी.

प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रायगढ़ जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर इस मामले पर जवाब तलब किया था. साथ ही रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा नोटिस के जवाब में बताया गया था कि याचिकाकर्ता द्वारा गलत जानकारी देकर याचिका दायर की गई है जबकि पूंजीपथरा गांव में आश्रित पांचों गांव में कोई भी टीबी के मरीज नहीं हैं. इसी क्रम में बीते गुरुवार को फिर से तेज राम मांझी ने हाईकोर्ट में विरोध आपत्ति दर्ज करा कर जिला प्रशासन के जवाब को गलत ठहराते हुए याचिका दर्ज की थी.

इसमें कहा गया था कि जिला प्रशासन द्वारा कोर्ट को गलत जानकारी दी गई है. लिहाजा, हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और रायगढ़ को फिर से आदेश जारी करते हुए कहा है कि 3 माह के अंदर डॉक्टरों की टीम द्वारा लोगों के स्वास्थ्य की जांच कराकर उसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत करें.

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