Tuesday, December 11, 2018
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भाजपाइयों ने क्यों पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोला, सोशल मीडिया में पुलिस के खिलाफ हल्ला बोल, पढिये पूरी खबर

रायगढ़ मुनादी ।।

 

रायगढ़ के भाजपाइयों ने पुलिस के खिलाफ सोशल मीडिया में हल्ला बोल दिया है। भाजपाई नेताओं ने पुलिस पर भाजपा नेता अरुण कातोरे से मारपीट का आरोप लगाया है जबकि पुलिस के अनुसार मारपीट जैसी कोई बात नहीं हुई बस भीड़ को हटाया गया है। बहरहाल मामला कुछ भी हो अपनी।पुलिस पर ही नेताओं ने जोरदार हमला बोला हुए है। सोशल मीडिया में लिखे गए पोस्ट की बानगी देखिए-
पहला पोस्ट-
पुलिस न हो तो समाज अराजक हो जाएगा मगर पुलिस संवेदनहीन और अराजक हो जाये तो समाज विद्रोही होते देर नही लगेगी।छतीसगढ़ में भाजपा की सरकार है और मैं भाजपा का सिपाही। सिपाही हूँ इसी लिए गलत को गलत कहने का नैतिक साहस रखता हूँ। चुनाव सर पर है और लगता है कि रायगढ़ पुलिस सरकार को बदनाम करने की मानसिकता से काम कर रही है।
दूसरा पोस्ट-
आम तौर पर मेरी मानसिकता पुलिस के कार्यो में हस्तक्षेप करने की कभी नही रही बल्कि सकारात्मक सहयोग ही करता रहा हूँ । मगर कुछ समय से रायगढ़ पुलिस के कार्यो से असंतुष्ट हूँ। खासकर यातायात को ले कर। अब इस तस्वीर की ही बात करे तो तस्वीर में स्कूल बस के चक्के को पुलिस ने लॉक कर दिया है जबकि स्कूल बस में बच्चे बैठे है। अब ये मान लिया जाय कि जब बस को कतिथ अवैध पार्किंग के लिए लॉक किया गया तब स्कूल के बच्चे बस में नही थे तब भी यह तथ्य गौर तलब है कि स्कूल बस किसी भी स्थिति में लॉक करना ड्राइवर और स्कूल मैनेजमेंट नही बल्कि उन मासूमो को परेशान करने की नीयत दर्शाता है जो स्कूल द्वारा प्रायोजित श्याम टाकीज में चल रहे “गोगिया सरकार” का जादू देखने गए थे। बच्चो के प्रति पुलिस को हर स्थिति में संवेदन शील होना चाहिए।
तीसरा पोस्ट-
बताया जाता है कि चित्र में दिख रहे बस कुसमरा स्थित राइजिंग किड्स स्कूल की है जिसके बच्चे श्याम टाकीज में गोगिया सरकार का जादू देखने आए थे। बस को ला कालेज वाली रोड में पार्क किया गया था। बच्चे जादू देख कर लौटे तो पुलिस कमियों का जादू उन्हें देखने को मिला। उनकी बस लॉक कर दी गई थी। रोते बिलखते बच्चो पर दया भाव दिखाने की बजाए कोतवाली टीआई श्री मिश्रा ने निदेशक अरुण कातोरे से हुज्जत बाजी और अपशब्द बोलने में ज्यादा रुचि दिखाई। उनपर अरुण कातोरे पर हाँथ उठाने का भी आरोप है जिसकी इजाजत उन्हें कानून कतई नही देता। उनका यह कृत्य निंदनीय ओर कानूनी सजा दिए जाने योग्य है।
चौथा पोस्ट-
इससे पहले पूर्व पुलिस अधीक्षक डॉ संजीव शुक्ल के समय यातायात को लेकर काफी काम हुए। एडिशनल एस पी श्री यू एस बी चौहान और यातायात डीएसपी श्री परिहार और उनके विभाग ने शहर के लोगो को लेकर एक लम्बा सफल अभियान चलाया और जनता ने उसमे सहयोग किया। ये सहयोग इस लिए था क्यो कि वह जनता का अभियान बनाया गया जबकि पिछले कुछ समय से अभियान पुलिस के वसूली कर्मियों के जिम्मे में है । जो वैध या अवैध वसूली करके ही यातायात दुरुस्त करना चाहते है। जहां जिसकी मर्जी हो मोटरसायकल ले कर खड़ा हो जाता है और वसूली चालू। हुज्जतबाजी गाली गलौच अक्खड़पन से सराबोर खुद को दबंग फिल्म का सलमान खान समझने वाले ये पुलिसकर्मो पुलिस विभाग के काले दाग बन रहे है । ऐसा नही होता … ऐसे में टकराव होता है और अभियान की थोड़े ही समय मे हवा निकल जाती है। अभी कुछ दिन पहले छातामुड़ा मोड़ा गोदाम के आगे जूटमिल पुलिस की करतूत लिखने पर जो कमेंट आये उससे लगा कि हर जगह पुलिस खौफ कायम कर यातायात व्यव्यस्था और कानून व्यवस्था कायम करना चाहती है। अगर पुलिस का ये नवीनतम नजरिया है तो उसे इस नजरिए का पुनर्परीक्षण की आवश्यकता है। जिस दिन मकसद जनता को साथ लेकर यातायात व्यवस्था सुधारने की दिखेगी तो आप हर कदम हम जैसो को अपने साथ पाएंगे।
पांचवां पोस्ट-
बहरहाल ये मसला भी मुख्यमंन्त्री और गृहमंत्री तक सीसी फुटेज के साथ जाएगा इसकी पूरी उम्मीद है। सरकार को बदनाम करने की नीयत से जनता को परेशान करने की इजाजत रमन सरकार नही दे सकती। मुखालफत अभियान की नही कार्यशैली की है । रायगढ़ जिले में पुलिस जनता की हमेशा वर्दी वाली मित्र रही है। वह मित्र ही रहे नही तो कदम कदम पर टकराव ही होगा।
इस मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव भी किया लेकिन पुलिस अधिकारियों के आस्वासन के बाद भी वे संतुष्ट नजर नहीं आ रहे।

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