Monday, March 25, 2019
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इस सरकारी वेबसाइट को जरा पढ लीजिये, इसमे केवल झूठ……

 प्रशांत सहाय की मुनादी

 

गत दिनों भारत सरकार के द्वारा जारी किये गये आनलाईन बेबसाईट http://www.planningonline.gov.in लोगों के लिये सिरदर्द बना हुआ है। इस वेबसाईट में एक एक ग्राम पंचायत में लाखों रू.के काम पूर्ण होना बताया जा रहा है। जबकी हकीकत में ग्राम पंचायत में उक्त कार्य हुआ ही नहीं है।उक्त बेबसाईट्स को देखने के बाद लोगों में पंचायतकर्मीयों को शक की निगाहों से देखते हुये भारी भ्रष्टाचार की आशंका व्यक्त की जा रही है।तो वहीं पंचायतकर्मीयों सहित उपयंत्रीयों को इस कार्य के बारे में जरा भी भनक नहीं है। वेबसाईट में लाखों रू. के कार्य पूर्ण देख सरपंच,सचिव सहित पंचगणों के हाथ पैर फूल रहे हैं।वहीं इस वेबसाईट के कारण ग्राम पंचायत सन्ना में विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई है।

 

ज्ञात हो की भारत सरकार के द्वारा इंटरनेट में http://www.planningonline.gov.in  नामक वेबसाईट प्रारंभ किया गया है। जिसमें प्लान साल एवं राज्य सेलेक्ट करने का आप्शन आता है।इसमें साल एवं राज्य सेलेक्ट करने के बाद प्लान युनिट टाईप का आप्शन खुलता है। जिसमें जिला पंचायत,जनपद पंचायत या ग्राम पंचायत सेलेक्ट करने के बाद उसका पूर्ण विवरण जितना भारत सरकार के रिकार्ड में क्षेत्र के लिये खर्च किया गया है उसका विवरण अंकित है।इस वेबसाईट को ग्राम पंचायत सन्ना,मनोरा,सोनक्यारी सहित विभीन्न जगहों के जनप्रतिनिधीयों एवं ग्रामीणों के द्वारा देखा गया।जिसको देखने के बाद भारत सरकार के इस वेबसाईट में जमीनी स्तर पर कार्य एवं रिकार्ड में पूर्ण कार्य के मध्य भारी अंतर नजर आया है। उक्त बात की जानकारी लगने पर ग्राम पंचायत सन्ना के ग्रामीणों के द्वारा जमीनी हकीकत जानने का प्रयास किया गया। जिनके अनुसार ग्राम पंचायत में वर्ष 2014-15,2016-17 और 2017-18 में हुए कार्यो का जानकारी ली गई तो कई निर्माण कार्यों की जानकारी सरपंच सचिव सहित पंचायत के लोगों को भी नहीं होने का बात सामने आया है। उक्त वेबसाईट में 14वें वित योजना के संबंध में भी पूर्ण जानकारी  दी गई है। जिसका राशी सरपंच,सचिव व उपयंत्री के बगैर निकाला ही नहीं जा सकता है।उक्त 14 वें वित योजना के कार्यों के संबंध में जब ग्राम के सचिव राजेन्द्र यादव से चर्चा किया गया तो सचिव को कुछ भी जानकारी नहीं होने का बात कहा गया।वहीं उक्त संबंध में जब सन्ना क्षेत्र के उपयंत्री से जानने का प्रयास किया गया तो उपयंत्री के द्वारा भी उक्त मामले के संबंध में कोई भी जानकारी नहीं होने का बात कहा गया और जमीनी स्तर पर कार्य का ना होना भी पाया जा रहा है। उक्त वेबसाईट की मानें तो सरपंच,सचिव व उपयंत्री की मिली भगत से 14वें वित योजना की राशी हजम कर ली गई है लेकिन यदि सरपंच,सचिव व उपयंत्री की बातों को माना जाये तो भारत सरकार के द्वारा बनाया गया वेबसाईट ही गलत होने का बात सामने आ रहा है। खैर वस्तु स्थिति जो भी हो ये तो जांच के बाद ही सामने आयेगा।

वेबसाईट के आंकड़े सच कह रहे या पंचायतकर्मी

जशपुर जिले अंतर्गत ग्राम पंचायत नन्हेशर,चम्पा ,तोरा,कोपा,भँवर,लोरो सहित अधिकांश पंचायत ऐसे हैं जहां काम हुआ ही नहीं है लेकिन भारत सरकार के द्वारा जारी वेबसाईट में कार्य को पूर्ण होना बताया जा रहा है। जिस कारण लोगों के द्वारा सरपंच,सचिव व उपयंत्री को संदेह की नजरों से देखा जा रहा है।वहीं दूसरी ओर कार्य के ना होने एवं पंचायतकर्मीयों की बातों को मानने पर वेबसाईट की सत्यता पर ही सवालिया निशान उठ खड़े हो रहे हैं।

सन्ना पंचायत मेंे ग्रामीणों ने जताया संदेह

ग्राम पंचायत सन्ना में उक्त वेबसाईट के कारण विवाद की स्थिति निर्मित हुई है। वेबसाईट में कार्य कई कार्यों के पूर्ण होने की जानकारी पर पंचों के द्वारा सरपंच व सचिव के खिलाफ जमकर नाराजगी दिख रही है।पंचो का आरोप है की ग्राम पंचायत में सचिव का आये दिन मनमानी चलता है और सचिव से किसी प्रकार की जानकारी मांगने पर भी नही मिलती है।नाम का प्रकाशन नहीं किये जाने की शर्त पर ग्राम पंचायत सन्ना के पंचो का कहना है की उनके द्वारा कई बार पंचायत में आवेदन लगा कर पंचायत के कार्यों का एवं कार्यवाही रजिस्टर का फोटो कॉपी मांग किया है लेकिन पंचायत से हमे किसी प्रकार की जानकारी मुहैय्या नही करायी गयी। वेबसाईट में दर्शाये गये राशी का बंदरबाट किये जाने का आरोप पंचगणों के द्वारा पंचायतकर्मीयों पर लगाया जा रहा है। जिस कारण ही उन्हें पंचायत के द्वारा अब तक कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जबकी ग्राम पंचायत में जनप्रतिनिधी होने के नाते उनका हक है की समस्त जानकारी उन्हे बिना आवेदन के ही उपलब्ध कराया जाये। पंचों के द्वारा मांग किया गया है की उक्त जानकारी पूरी पारदर्शिता के साथ उक्त जानकारी सार्वजनिक किया जाये।

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