Wednesday, January 17, 2018
Home > Slider > दिव्यांग के आंसुओं की अजीब पटकथा लिखी प्रशासन ने, दर्द को बता दिया ख़ुशी के आंसू, पढ़िए आप भी एकबार

दिव्यांग के आंसुओं की अजीब पटकथा लिखी प्रशासन ने, दर्द को बता दिया ख़ुशी के आंसू, पढ़िए आप भी एकबार

जशपुर मुनादी

आपने कपडा रफू होते देखा और सुना होगा पर जशपुर में घटनाएं रफू होती है, जी हाँ ! प्रशासन ऐसी स्क्रिप्ट बनवाती है की फिल्मों के स्क्रिप्ट राइटर मात खा जाएँ.
बीते शुक्रवार को जशपुर जिले के खारीबहार में विकास तिहार मनाने आये प्रदेश के मुखिया डॉ रमन सिंह से न मिल पाने के कारण मीडिया के कैमरे के सामने फफक कर रो पड़ने वाले पिता पुत्र की खबर आने के बाद आज प्रशासन द्वारा इस मामले में अब नयी जानकारियाँ दी जा रही हैं ।कहा जा रहा कि विकास तिहार में अपनी समस्या लेकर सीएम से मिलने आये दिव्यांग कौशल को तुरंत ट्राईसाइकिल प्रदान किया गया और ट्राईसाइकिल पाते ही उसकी आंखें खुशी से नम हो गयी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि दिव्यांग कौशल को दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ नही मिल सकता जिसके लिए उसके पिता पिछले 12 वर्षों से पंचायत से लेकर पहुचे हुए नेताओ तक कई बार चक्कर काट चुका है और कल भी इसी योजना के सम्बंध में सीएम से मिलने दोनों पिता पुत्र आये थे ।
बहरहाल, दिव्यांग कौशल की कहानी जब सोशल मीडिया और मीडिया में आयी तो प्रशासन ने इस मामले में कुछ यूं कहा—-जरा पढिये —

‘विकास तिहार में लोकेश को मिली व्हील चेयर”

” विकास तिहार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह से मिलने अपनी मांग को लेकर पहुंचे श्री लोकेश चौहान की समस्या का समाधान शुक्रवार को कार्यक्रम के दौरान ही किया गया। जिला पंचायत सीईओ श्री कुलदीप शर्मा ने बताया कि खारीबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों के द्वारा मांग एवं शिकायतों को भी सुना गया जिसके दौरान खारीबहार पंचायत के दिव्यांग लोकश चौहान ने अपने पिता के साथ व्हील चेयर की मांग लिए पहुंचे। श्री कुलदीप शर्मा ने चौहान के परिवार से बातचीत की और दिव्यांग श्री लोकेश चौहान की स्थिति देख एव उसके आने जाने में सुविधा हेतु मौके पर ही तत्काल व्हील चेयर प्रदान कर दिया।
 दिव्यांग लोकेश ने विकास तिहार कार्यक्रम में दिव्यांग पेंशन एवं अन्य सहायता के लिए विभाग को आवेदन दिया। समाज कल्याण के उप संचालक ने बताया कि लोकेश चौहान के आवेदन का परीक्षण करने के पश्चात् ज्ञात हुआ की दिव्यांग का नाम गरीबी रेखा के सर्वे सूची  2002 में अंकित नहीं होने के कारण उसे पंचायत से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन प्रदाय नहीं की सकेगी। 
    मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग लोकेश के समस्याओं का निराकरण जब चंद मिनटों में हो गया तब लोकेश की आंखे नम हो उठी और उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद करते हुए सभी उपस्थित अधिकारियों को भी शुक्रिया कहा। दिव्यांग लोकेश ने बताया कि  उसके पास पहले से एक ट्रायसायकल विभाग के द्वारा प्रदान किया गया है। “

हम आपको बता दें कि लोकेश चौहान के पिता ने मीडिया को दिए गए बयान में बताया था कि वह पिछले 12 वर्षो से अपने दिव्यांग बेटे को दिव्यांग पेंशन के लिए संघर्ष कर रहा है ।कोई उसकी सून नही नही रहा इसलिये आज वह सीएम से मिलने आया था लेकिन सीएम से उसे मिलमे नही दिया गया ।जबकि प्रशासन का अब कहना है कि वह ट्राईसाइकिल के लिए आया था ओर उसे तत्काल ट्राईसाइकिल दे दिया गया । दूसरी ओर यह भी बताया गया हैं कि लोकेश के पास पहले से ही ट्राइसीकील है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *