Sunday, July 15, 2018
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मैं नक्सली बोल रहा हूँ, कहकर मांग रहे थे एक करोड़, पकडे गए तब पता चला ये तो पुलिस आरक्षक……….

बस्तर से धर्मेन्द्र सिंह की मुनादी

 

छतीसगढ़ के कांकेर जिले में रेलवे निर्माण में लगी कम्पनी के ठेकेदार से 1 करोड़ की मांग नक्सलियों द्वारा किये जाने की सूचना पर जिला पुलिस के मुखिया के एल ध्रुव अति पु लि स अधीक्षक जयप्रकाश बढ़ाई के सफल निर्देशन में क्राइम ब्रांच औऱ भानुप्रतापपुर पुलिस ने फंदा डाला जिसमे 4 आरोपी धरे गए. जिनका नक्सलीओं से दूर दूर तक वास्ता भी नहीं था.

मिली जानकारी के अनुसार ठेकेदार ने फोन कर पैसा देने के लिये आरोपियों को बुलाया जिस पर आरोपियों ने अन्तागढ़ मार्ग पर शाहकट्टा के जंगल मे आने को कहा. पुलिस के साथ ठेकेदार भी बताई जगह पहुंचा जहां पहले से तैयार पुलिस ने इन सभी को घेर कर पकड़ लिया.

इसके बाद जो खुलासा हुआ वह आंखे फ़ाड़ देने वाला है. ये चारों पहले सहायक आरक्षक के रूप में पुलिस में काम कर चुके हैं. विभाग ने इनके इसी व्यवहार के चलते इनको बर्खास्त किया था. कुछ दिन पहले ये सभी रेलवे में भी कम कर चुके हैं, गिरफ्तार लोगो मे दुवारु राम सलाम 26 शंकर नगर मुल्ला, खड़का निवासी धनेश उईके 33 वर्ष निवासी मरदेल, भुवन भुआर्य 42 कर्मचारी कालोनी भानुप्रतापपुर, रविन्द्र दुग्गा 22 वर्ष डोंगरी पारा भानुप्रतापपुर, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है

दुवारु सलाम जो खड़का का रहने वाला है को नक्सली कई दिनों से तलाश कर रहे थे, वे भी जानते है कि दुवारु नक्सलियों के नाम पैसों की उगाही करता है इसी वजह से नक्सलियों कुछ समय पूर्व इसके पिता की भी हत्या कर दी
परंतु बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि भानुप्रतापपुर के चारों ओर नक्सली पीड़ित होने की बात कहकर इन लोगों ने बस्तियां बसा ली हैं.

 

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