Sunday, July 15, 2018
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तालियां बजाते नहीं डंडे फटकारते नजर आएंगे किन्नर,छत्तीसगढ़ पुलिस में जाने को तैयार 40 ट्रांसजेंडर उम्मीदवार

 

रायपुर से विजय ठाकुर की मुनादी ।।

 

छत्तीसगढ़ पुलिस में किन्नर (ट्रांसजेंडर) युवाओं की भर्ती पुलिस विभाग में होने जा रही है जिसके लिए प्रदेश भर से लगभग 40 ट्रांसजेंडर्स ने पुलिस आरक्षक की भर्ती के लिए आवेदन किया है। 
छत्तीसगढ़ प्रदेश के राजधनी रायपुर से 10, बिलासपुर से 5, धमतरी से 7, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव और अम्बिकापुर से तीन तीन, कोंडागांव और मुंगेली से दो दो और रायगढ़ एवं जांजगीर से एक एक ट्रांसजेंडर युवाओं के आवेदन देने की जानकारी मिली है। ये संख्या बढ़ भी सकती है।
किन्नरों की संस्था मितवा की अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ थर्ड जेंडर वेलफेयर बोर्ड की सदस्य विद्या राजपूत ने रमन सरकार के इस निर्णय पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, प्रदेश के गृह मंत्री रामसेवक पैकरा और डीजीपी एएन उपाध्याय को ट्रांसजेंडरों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने छत्तीसगढ़ पुलिस में शामिल होने का अवसर देने के लिए धन्यवाद भी दिया।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने कुल 2254 आरक्षक के पदों की भर्ती के लिए आवेदन 3 जनवरी से 4 फरवरी तक आमंत्रित किये थे। जिसमे ट्रांसजेंडर्स के कोई आरक्षण का प्रवधान नही किया गया है।
विज्ञापन में लिखा गया है कि अगर थर्ड जेंडर के अभ्यर्थी फॉर्म भरते हैं तो अभ्यर्थियों को महिला वर्ग के मापदंडो को पूरा करना होगा और उसी हिसाब से हमारी शारीरिक क्षमता और दक्षता देखा जाएगा और यदि पुरुष के कॉलम फॉर्म भरते हैं तो पुरुष अभ्यर्थी के   मापदंड को पूरा करना होगा।
वहीं राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड्स में ट्रांसजेंडर युवा दौड़, लम्बी कूद, ऊंची कूद और अन्य शारीरिक व्यायामो में घंटो पसीना बहा रहे है। ट्रांसजेंडर युवाओं के चेहरे पर पुलिस की वर्दी पहने की उत्सुकता और खुशी को महसूस भी किया जा सकता है।
विद्या राजपूत ने मुनादी.कॉम से चर्चा करते हुए कहा कि ट्रांसजेंडर समाज के लोगो की खुशीयो में नाचते गाते, कभी ट्रेनो में ताली बजाते और मांगते हुए ही लोगो ने देखा है पर अब समाज मे इनका एक और रूप देखने को मिलेगा। आज इन ट्रांसजेंडर युवाओं  को पुलिस भर्ती की तैयारी करते देखकर बहुत ख़ुशी हो रही है और मैं भी अपने बचपन को मिस कर रही हूँl
विद्या आगे कहती है कि ट्रांसजेंडर्स के लिए समाज मे दौर बदल रहा है और ट्रांसजेंडर समाज अब अपने सपने को सच करने में जूटा है l मुझे मेरे देश ,मेरे देश के संविधान पर गर्व है।
बता दे कि छत्तीसगढ़ ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। इससे पहले कर्नाटक की पृथिका यशिनी और राजस्थान की गंगा को जो भी सफलता मिली है वो लंबी अदालती लड़ाई के बाद मिली है।
बीते साल 8 दिसम्बर 2017 सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को पुलिस फोर्स में ट्रांसजेंडरों की भर्ती करने का आदेश दिया था जिसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने 31 दिसम्बर 2017 को इस बाबत ठोस निर्णय लेते हुए विभाग में आरक्षक भर्ती के पदों में ट्रांसजेंडर्स को भी आवेदन का अवसर दिया।

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