Thursday, January 18, 2018
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जब ग्रामीणों ने एसपी को बोल दिया यहां नक्सली नाम की कोई चीज नहीं है और आप….

तरुण शर्मा की मुनादी।।

झारखण्ड ओर छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे नक्सल प्रभावित गांवों में नक्सलवाद को लेकर ग्रामीणों में बसे खौफ को दूर करने और उन्हें सरकारी योजना से जोड़कर लाभ दिलाने के मकसद को लेकर जब जशपुर एसपी प्रशांत सिंह ठाकुर रानपुर गाँव पहुचे तो ग्रामीणों को यह समझ नही आया कि गाँव मे पुलिस आयी है या फिर से नक्सली आ गए ।काफी देर तक समझने के बाद जब उन्हें यकीन हुआ कि उनके बीच पुलिस विभाग के मुखिया एसपी आये हैं तो वे एकबारगी यह सोचकर चौंक गए कि रात में भला एसपी साहब कैसे आ गए ?एसपी उनके आने का उद्देश्य बताने से पहले यह पूछा -इस गाँव मे नक्सली आते हैं या नही ? ग्रामीणों ने सवाल के जवाब में कहा -“अब यहां मामा नही आते ,मामा नाम की कोई चीज ही नही है ।

और क्या क्या पूछा और बताया ?

छत्तीसगढ़ के झारखंड सीमा पर जिले का अंतिम गांव रननुर, कुछ साल पहले नक्सली खौफ के कारण यहां दिन में भी बाहरी लोगों का जाना मना होता था वहां आज ग्रामीण भयमुक्त जीवन गुजार रहे हैं।  देर रात को एसपी प्रशांत सिंह ठाकुर ग्राम रनपुर पहुंचे। एसपी को रात में देखकर शुरू में तो ग्रामीण चौंक गए और फिर किसी नक्सली घटना की आशंका से डरे पर बाद में एसपी ने सबसे साथ बैठकर बातचीत शुरू की। कड़कड़ाती ठंड में ग्रामीणों ने घर के भीतर जल रहे अलाव को बाहर निकाला। अलाव के पास बैठकर ग्रामीणों से एसपी श्री ठाकुर ने लंबी चर्चा की।एसपी ने ग्रामीणों से पूछा कि अब तो झारखंड से कहीं नक्सली इधर छिपते-छिपाते तो नहीं आते। जिसपर ग्रामीणों ने कहा नहीं साहब अब मामा लोग (नक्सली) नाम की चीज यहां नहीं है। हमने कई सालों तक डर में जीवन जिया है पर अब ऐसा लग रहा है कि हम भी खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं। एसपी ने ग्रामीणों से मानव तस्करी को लेकर बातें बताई। एसपी ने कई घटनाओं का उदाहरण देते हुए ग्रामीणों को बताया कि किस तरह से मानव तस्करी के दलाल बेरोजगार युवक-युवतियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ महानगर ले जाते हैं। महानगरों में उन्हें अच्छा काम तो नहीं मिलता उल्टा क्षेत्र से गए लोगों का कई तरह से शारीरिक व मानसिक शोषण किया जाता है। एसपी श्री ठाकुर ने ग्रामीणों से कहा कि रोजगार के लिए कहीं भी बाहर जाने की जरूतर नहीं है। कम पढ़े-लिखे होने के कारण यदि नौकरी नहीं मिल रही है तो कौशल विकास की ट्रेनिंग लें। इस ट्रेनिंग के बाद प्लेसमेंट भी किया जा रहा है। एसपी श्री ठाकुर ने बताया कि जशपुर जिले में हजारों युवक-युवतियां कौशल विकास की ट्रेनिंग ले रहे हैं और अधिकांश को रोजगार प्राप्त हो चुका है। रनपुर के ग्रामीणें को ट्रेनिंग के लिए कहीं दूर जाने के भी जरूरत नहीं है। आपके आरा में कौशल विकास का ट्रेनिंग सेंटर खुल चुका है। नक्सली मामले में श्री ठाकुर ने बताया कि नक्सली समस्या से मुक्त रहना है तो आप सभी को जागरूक रहना होगा। आपका गांव झारखंड सीमा से लगा हुआ है और सीमापार आए दिन नक्सली घटनाएं घटित होती रहती है। इसलिए आप सभी को पुलिस के सहयोगी की भूमिका निभानी होगी। कभी भी गांव में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई पड़े तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सीमापार से यदि नक्सलियों का दल भी गांव के आसपास घुस आता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी शक्तियों से कई गुना ज्यादा ताकतवर पुलिस है। इसलिए ऐसी किसी भी गतिविधयों की सूचना देने में केाई विलंब ना करें। करीब दो घंटे तक ग्रामीणों के साथ अलाव तपाते हुए ग्रामीणों के साथ चर्चा एसपी ने की। एसपी को रात में अपने गांव में अपने बीच पाकर ग्रामीण भी काफी खुश हुए।

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