Thursday, June 21, 2018
Home > Slider > जन्मदिन मानाने महलों से निकलकर वंचितों तक पहुँच गयी अपराजिता, दर्द समझा, खुशियां बांटी

जन्मदिन मानाने महलों से निकलकर वंचितों तक पहुँच गयी अपराजिता, दर्द समझा, खुशियां बांटी

 

 

जशपुर मुनादी

 

जन्मदिन तो हर कोई मनाता है लेकिन जशपुर रियासत के’ बिजय विहार में जूदेव परिवार की लाडली ने जिस अंदाज में अपना जन्मदिन मनाया वह समाज के लिए किसी नए संदेश से कम नही है।
भाजपा के दिवगंत सांसद स्व दिलीप सिंह जूदेव की पोती अपराजिता सिंह जूदेव ने बीते 18 दिसम्बर को अपना जन्मदिन उन बच्चों के साथ मनाया जो ईश्वरीय प्रकोप ओर सामाजिक परिस्थितियों के चलते समाज से उपेक्षित है ।
18 दिसम्बर को विजय विहार को खूब सजाया गया इसलिए नही की इस राजमहल की लाडली का जन्मदिन था बल्कि इसलिए सजाया गया था क्योंकि आज इस महल में जशपुर नगर के विभिन्न सरकारी और गैरसरकारी संस्थानों में रहकर जीवन की मुख्य धारा से जुड़नेकी कोशिश कर रहे दिव्यांग और बेसहारा बच्चों को बुलाया गया था। 10 साल की अपराजिता यह चाहती थी कि आज का मौका वह अपने उन हमउम्र भाई बहनों के साथ बिताए जो पार्टी या जन्मदिन के मौके पर कही और जगह शामिल तो होते हैं लेकिन पार्टी या आयोजन का लुत्फ नही उठा पाते।इनके लिए यहां मेले जैसा आयोजन किया गया । जगह जगह गुब्बारे ,तरह तरह के गेम ओर मनोरंजन के कई साधनों के इंतजाम किए गये। शहर के विभिन्न संस्थानों से आये दिव्याग और बेसहारा बच्चों की संख्या 100 के बराबर थी । 18 की शाम को इन सभी बच्चों की मौजूदगी में अपराजिता के 10वे जन्मदिन का केक काटा गया । केक काटने के बाद सभी बच्चों ने तरह तरह के खेल का आनद लिया ।
अपराजिता इन बच्चों के साथ घण्टो तक समय बिताई उनके साथ खेला और बच्चों को कई तरह की नयी नयी बातें बतायी ।
इसके बाद जब 20 दिसम्बर को इनके पिता स्व शत्रुंजय प्रताप जूदेव की पुण्यतिथि आयी तो वह दुबारा उन बच्चों से मिलने उनके संस्थान गयी और वहां जाकर दुबारा उन बच्चों के साथ न केवल समय बिताया बल्कि उन्हें कम्बल भी भेंट किया ।

अपराजिता ने कहा —”आमलोगों से मिलना और उनकी सेवा करना हमारे परिवार का संस्कार और परम्परा दोनों है। पहली बार हमें अपना जन्मदिन मनाने में बहुत अच्छा लगा ” ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *