Tuesday, June 18, 2019
Home > Top News > भाजपा के पूर्व सांसद ने किसी को नहीं छोड़ा, प्रधानमंत्री से लेकर अमर अग्रवाल तक का छीछालेदर, कोंग्रेसी कर रहे हैं वायरल

भाजपा के पूर्व सांसद ने किसी को नहीं छोड़ा, प्रधानमंत्री से लेकर अमर अग्रवाल तक का छीछालेदर, कोंग्रेसी कर रहे हैं वायरल

 

रायपुर से शैली मिश्रा की मुनादी

 

 

सोशल मीडिया में भाजपा के पूर्व सांसद पीआर खूंटे का एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर प्रधान मंत्री तक पर सवाल किया है .

पूर्व सांसद पी. आर. खंुटे ने लिखित आरोप लगाते हुये कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सरकार में आने के पहले एक झंडा बेनर के लिये तरसते थे। भाजपा कार्यकर्ता के पास सायकल के पंचर बनाने के लिये पैसा नहीं होता था, आज भाजपा कार्यकर्ता एक से बढ़कर एक लग्जरी गाड़ियों में घूमते फिर रहे है। स्वयं डाॅ. रमन सिंह कवर्धा विधानसभा उप चुनाव हारने के बाद साढ़े पांच लाख रूपये के कर्ज में लदे थे। आर्थिक तंगी के कारण चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था, और पार्टी को सुझाव दिया था कि मेरे स्थान पर पूर्व सांसद अशोक शर्मा को राजनांदगांव लोकसभा की टिकिट दिया जाय मैं उनका साथ दूंगा। अतंतः पार्टी ने राजनांदगांव लोकसभा से डाॅ. रमन सिंह को टिकिट दिया गया वह चुनाव जीते केन्द्रीय राज्य मंत्री बने। आज 14 साल से छ.ग. प्रदेश के मुख्यमंत्री है। इस बीच इनके पास इतना धन कहां से आया जन चर्चा है कि मध्यप्रदेश के उद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में साढ़े तीन हजार करोड़ रूपये का उद्योग कहां से लग गया। कलकत्ता, हैदराबाद सिंगापुर में पांच सितारा होटल, शापिंग माॅल कैसे बन गया? अमेरिका में पति, पत्नि, पुत्र, बहु के नाम पर बैंक खाता कैसे खुल गया। नोटबंदी के तुरन्त बाद कालाधन को सफेद करने मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह एक सप्ताह के लिये अमेरिका क्या करने गये थे? भाजपा सूत्रों से पता चला है कि डाॅ. रमन सिंह देश के प्रथम मुख्यमंत्री है जिसके निवास में पैसा गिनने का एक नहीं दो मशीन है। पनामा पेपर में अभिषेक सिंह का नाम कैसे आया? प्रधानमंत्री जी जवाब दे?

यहां यह जानना जरूरी है कि उड़ीसा में उड़ीसा बचाओ का आन्दोलन चला था । उस आंदोलन के चलते स्व. लखीराम जी अग्रवाल उड़ीसा छोड़ एक छोटा सा गुड़ाखू दुकान लेकर खरसीया आये देखते ही देखते वे भाजपा के बड़े नेता बन गये। धन वसूली के लिये उन्हें मध्यप्रदेश की भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष बना दिया गया। उनके सुपुत्र श्री अमर अग्रवाल को केबिनेट मंत्री बना दिया गया । आज 14 साल से विभिन्न विभागों में मंत्री हैं देखते ही देखते इनके पास साढ़े आठ हजार करोड़ से अधिक की सम्पति कहां से एकत्रित हो गयी। बिलासपुर संभाग के सबसे बड़े भूमाफिया के नाम से जाना जाता है छत्तीसगढ़ प्रदेश को गुड़ाखु के नशे में डुबो दिया है मोदी जी जवाब दे ऐसा क्यों हो रहा है?

ठीक इसी प्रकार भी बृजमोहन अग्रवाल जी के पिता भी उड़ीसा से भागकर रामसागर पारा रायपुर में आये थे। एक पीपल झाड़ के नीचे तम्बू तान कर किराना दुकान खोेले थे, ले देकर परिवार पाल रहे थे। मध्यप्रदेश एवं छ.ग. राज्य में मंत्री बनने के बाद आज बृजमोहन अग्रवाल के परिवार एवं उनके रिस्तेदारों के पास साढ़े तीन हजार करोड़ से भी अधिक की बेनामी सम्पति कहां से इकट्ठा हो गया।

सबको पता है कि श्री राजेश मूणत जी मंत्री विधायक बनने के पहले लूना में घूमतें थे। रामसागर पारा में छोटा सा प्रिटींग प्रेस खोल कर अपना जीविका उपार्जन करते थे। मंत्री बनने के बाद आज इनके पास डे़ढ हजार करोड़ से भी अधिक की सम्पति कहां से एकत्र हो गया, आज इनके पास इतना पैसा इकट्ठा हो गया है कि अंतःगढ़ विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को 12 करोड़ में खरीदने की क्षमता रखते है। कमल विहार और नया राजधानी में शामिल 27 ग्रामों के सबसे बड़े भूमाफिया के रूप में इनकी पहचान बन गई है, इसका क्या जवाब है। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के अनेक मंत्री, निगम मंडल के अध्यक्षों के पास करोड़ो-अरबों रूपयें की आय से अधिक की संपत्ति कहां से आयी?  भाजपा सरकार में लाभ का पद, लाभ का काम एवं टेंडर, ठेका, एजेंसी, मंत्री के ओ.एस.डी., (विशेष कर्तव्य अधिकारी) का काम एक वर्ग विशेष को दिया गया है। जिनका मुख्य उद्देश्य सिर्फ काली कमाई कर धन एकत्र करना है। 

मोदी जी आपने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी कहा है 14 साल से प्रदेश में आपकी पार्टी की सरकार है और केन्द्र में भी आपकी सरकार बन गयी है। कमीशन खोरी या भ्रष्टाचार के आरोप में कितने कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ आप की सरकार ने कार्यवाही की है, एक भी उदाहरण है तो बताये। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनके पास कहां से इतना पैसा आया कि बिलासपुर से रायपुर रोड़ में स्थित परसदा में करोड़ो रूपये की लागत से विलासिता युक्त आलीशान भवन कैसे बन गया? महाभ्रष्ट आलोक अग्रवाल से मिलीभगत कर उनके द्वारा बनवाये गये एनीकट में कमीशनखोरो को बढ़ावा दिया गया क्या कोई कार्यवाही करेंगे? 

भाजपा कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने जब कमीशनखोरी एक साल के लिये बंद करने को कहा तो आपने ईमानदारी का परिचय देतें हुये इनके खिलाफ कार्रवाही क्यो नहीं किया? इसलिये यहां यह बता देना लाजमी है कि कमीशनखोरी, जमाखोरी, घुसखोरी, सूदखोरी करने वाले बेईमान नेताओं, अधिकारियों, व्यापारियों, दलालों का भाजपा में नीचे से उपर तक जमावड़ा हो गया है जिसका जीता जागता उदाहरण 1980 में भाजपा छत्तीसगढ़ के पास रामसागर पारा में 10 बाई 12 के छोटे से कमरे गद्रे स्मृति भवन में कार्यालय संचालन होता था आज भाजपा का प्रदेश कार्यालय एशिया का बड़ा भव्य कार्यालय हो गया है। इसके सामने पांच सितारा होटल भी फेल है। चुनाव जीतने व भाजपा नेताओं के एशोआराम की जिन्दगी जीने के लिये एक मात्र उपाय कमीशनखोरी का सबसे बड़ा धंधा है एक तरफ आप कहते फिर रहे है कि ना खांऊगा ना किसी को खाने दूगां। रमन सरकार के 14 साल भाजपा नेता हो मालामाल। सार्वजनिक रूप से कमीशनखोरी स्वीकार करने वाले मुख्यमंत्री वह भाजपा नेताओं के खिलाफ क्या प्रधानमंत्री कोई कार्यवाही करेंगे? ई.डी. से मांग है कि भाजपा सरकार में लाभ के पद या लाभ के काम करने वाले भाजपा के छोटे बड़े सभी नेताओं की आय से अधिक सम्पति की जांच की जाये। आय से अधिक सम्पति की रखने वाले के खिलाफ कार्यवाही की जाये। कांग्रेस सरकार आने पर कमीशनखोर सभी भाजपा नेताओं के खिलाफ जांच कार्यवाही कर उन्हें जेल भेजा जायेगा।  इस कमीशनखोरी को लेकर श्री भूपेश बघेल के अगवाई में प्रदेश व्यापी आंदोलन जारी रहेगा। 14 साल बेमिसाल का ढिंढोरा पीटना बंद करे।

Munaadi Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *