Sunday, May 20, 2018
Home > Slider > –——— भाजपा में गए थे कि पाप धुलेगा लेकिन चुनाव लड़ने पर भी लगी रोक

–——— भाजपा में गए थे कि पाप धुलेगा लेकिन चुनाव लड़ने पर भी लगी रोक

जबकि खरसिया के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ने कांग्रेस को छोड़कर भाजपा जॉइन कर लिया फिर भी भाजपाईयों द्वारा लगाए गए आरोपों ने उसका पिछा नहीं छोड़ा। खरसिया के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सुनील गर्ग को नगर निकाय मंत्रालय ने घोटाले में संलिप्त होना पाया और अगले पांच सालों तक इनके किसी भी चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। अब ये पार्षद चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुनील गर्ग को नगरीय प्रशासन ने छत्तीसगढ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 35-ए के तहत अगले पांच साल तक चुनाव लडने के अयोग्य घोषित कर दिया है । नगर पालिका खरसिया में साल 2010-12 के कार्यकाल में पूर्व अध्यक्ष सुनील गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में सडक, सफाई, पेयजल, निकाय की कार्यालयीन व्यवस्था के लिए कर्मचारी रखे थे। लेकिन किसी भी कर्मचारी से काम नहीं लिया गया। इसके चलते नगर में सभी अनिवार्य सेवाएं सडक, पानी, नाली की सफाई प्रकाश व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, व नगर पालिका कार्यालय की प्रषासनिक व्यवस्था शून्य रहीं। इस मामले को लेकर नगर वासियों ने नगरीय प्रशासन विभाग में कई बार शिकायत भी की। आरोप यह लगा कि काम नहीं होने के बावजूद भी मस्टररोल में करोडों रुपये की हेराफेरी की गई। नगर पालिका द्वारा नगर में जल प्रदाय के लिए 289 पाइप लाइन लगाये गए हैं। जिनका निरंतर संधारण कार्य भी नहीं कराया गया जिससे नगरवासियों की प्यास नहीं बुझ रही थी। इसके अलावा निर्माण कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित करके कम दर प्राप्त होने पर कार्यादेश नहीं दिया गया एवं अमानत राशि लौटाई गई। इस तरह की लगातार शिकायत मिलने के बाद छत्तीसगढ शासन की नगरीय प्रषासन एवं विकास विभाग की ओर से सुनील गर्ग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लेकिन उनके द्वारा शासन को उचित कारण नहीं बताया गया या शासन ने जवाब को संतोषजनक नहीं माना। ऐसे में अब उसके खिलाफ राज्य शासन ने सख्त कदम उठाते हुए अगले पांच साल तक चुनाव लड़नव से अयोग्य घोषित कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *