Saturday, February 23, 2019
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एक अभियान ऐसा भी ,बेटियों को पढाकर उनके भविष्य को बचाने का जुनून,अब तक 50 बेटियों को लिया गोद ,

जशपुर मुनादी।।

 

 

 

एक तरफ जहां सरकार बेटी बचाओ ,बेटी पढ़ाओ का महाअभियान चला रही है और इस अभियान में सरकार के करोड़ों रुपये खर्च हो रहै हैं वही जशपुर जिले के एक सख्श ने बगैर सरकारी सहयोग के बेटियों को उच्च शिक्षा देकर बेटियों के भविष्य बचाने के काम मे लगा है और अब तक वह 50 से भी ज्यादा बेटियों को शैक्षणिक गोद ले चुका है ।100 बेटियों को गोद लेकर उनका भविष्य गढ़ने के अभियान को निरन्तर ऊंचाई मिल रही है ।इसके लिए कांसाबेल आईसेक्ट कम्प्यूटर संस्थान में मुफ्त ट्रेनिग की शुरुआत की जा रही है।

 

 

पढिये पूरी खब

 

जशपुर जिले के कुनकुरी में वर्षों से काम कर रही एक सामाजिक संस्था ने जिले के बेटियों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया है ।सोसाइटी फ़ॉर रयुरल डेवलपमेन्ट & कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी द्वारा जिले की बालिका प्रतिभाओं को निखारने के लिए शैक्षणिक रूप से गोद लेने का काम कर रही है ।संस्था के इस अभियान में अबतक 50 से भी ज्यादा बालिकाएं फ्री शिक्षा का लाभ उठा रही है । संस्था प्रमुख के के सिन्हा ने बताया कि उनकी संस्था ने जशपुर जिले की 100 बेटियों को शैक्षणिक सेवा देकर उनके भविष्य को उन्नत करने का संकल्प लिया है और अब तक 50 बेटियाँ उनके संरक्षण में भविष्य को उज्ज्वल कर रही हैं । उन्होंने बताया कि ऐसी बेटियाँ जो पढ़ना तो चाहती लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पढ़ नही पा रही हैं उन बेटियों की योग्यता परखने के बाद उनके अनुकूल मसलन उनकी रूचि के मुताबिक शिक्षा देकर उनकी प्रतिभा को गढ़ना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है ।बीते वर्ष ऐसे बेटियों की संख्या 16 थी इस वर्ष बेटियों की संख्या 50 हो चूकी है और यह संख्या बढ़कर 60 तक भी पहुच सकती है । इन बेटियों में कई बेटियां कम्प्यूटर शिक्षा, कई सिलाई-कढ़ाई तो कई नर्सिंग ट्रेनिंग ले रही है ।सबसे खाश बात उन्होंने यह बताया कि इस काम के लिए उन्हें किसी तरह की फंडिंग नही होती और न ही को शासकीय या अशासकीय सहयोग प्राप्त होता है लेकिन शैक्षणिक संस्थानों से निरन्तर जुड़े होने के कारण उन्हें उन संस्थाओं का सहयोग जरूर मिलता है और उनके सहयोग से ही 100 बेटियों को गोद लेने का संकल्प पूरा हो पा रहा है। बेटियों के अलावे असहाय बेटे भी उनकी अभियान का हिंसा बन रहे हैं यह सबसे अच्छी बात है हांलाकि अबतक एक ही बेटे से शुरुआत हुई है ।इस वर्ष यह कंप्यूटर का ट्रेनिग *आइसेक्ट कांसाबेल* में होगा जिसमे लगभग 40 बच्चों को निशुल्क शिक्छा प्रदान किया जायेगा, इसके लिये संस्था आवेदन लेना प्रारम्भ कर दिया है।

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