Monday, March 25, 2019
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युद्धवीर पर जारी है युद्ध…..अब इनका गुस्सा फूटा….कहा-इन नेताओं को तो….पढिये पूरी खबर

जशपुर मुनादी–//जशपुर जिले की कमान थामने और सौंपने को लेकर भाजपा में मुखर होकर बयान जारी करने का दौर थम नही रहा है । बीते दिनों कांसाबेल में भाजयुमो के प्रदेश स्तर के नेताओं के सामने जिले का कमान चन्द्रपुर के पूर्व विधायक युद्धवीर सिंह जूदेव को दिए जाने को लेकर बैठक में हुई हॉट चर्चा के बाद अब भाजपा के मण्डल नेताओं ने भी युद्धवीर को जिले का कमान सौंपने के पक्ष में खुलकर सामने आने लगे हैं। भाजपा के मण्डल अध्यक्ष पंडरापाठ का कहना है कि भाजपा को अगर जिले में पुनर्जीवित करने का कोई नेता दम रखता है तो वह केवल युद्धवीर हैं। उन्होंने कहा कि 8 साल पहले की स्थिति में अगर भाजपा खुद को लाना चाहती है तो जरूरी है कि इसकी जिम्मेदारी उन्हें दी जाय ।मुनादी डॉट कॉम से चर्चा में उन्होंने कहा कि  जिले के बड़े नेताओं के सामने खुलकर वह अपनी बात रख चुके हैं लेकिन अभी तक उन्हें संगठन से कोई जवाब नही मिला है ।

 

 

       इनका कहना है पार्टी की बैठक में स्व दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा पर फूल अगरबत्ती चढ़ाकर राजनैतिक औपचारिकता पुरा करने मात्र से कुछ नही हो जाता जरूरत है उनके आदर्शों पर चलने की ।उनके परिवार के सदस्यों को सम्मान देकर उनके कार्यों को आगे बढाने की लेकिन ऐसा यहां हुआ नही ।यहां स्व जूदेव को आदर्शों को दरकिनार कर खुद की सियासी वजूद को मजबूत करने की होड़ मची हुई थी ।जिनके दम पर सत्ता मिली उन्हीं के आदर्शों को भुला दिया गया । यहाँ झूठा श्रेय लेकर लालबत्ती हथियाने की होड़ लग गयी । स्थानीय और प्रदेश के कथित स्टार प्रचारकों को हार का सबसे बड़ा कारण बताते हुए मण्डल अध्यक्ष ने कहा कि हम छग की सूनामी को नही जानते कि किस पार्टी की लहर थी या नही,हम जशपुर के 35 वर्षो का इतिहास जानते हैं जिसे जिले और प्रदेश के नेताओं ने तोड़कर रख दिया ।जब चुनाव के 6 महीने पहले से यह सार्वजनिक हो चुका था कि युद्धवीर नाराज चल रहे हैं तो पार्टी के प्रदेश या जिले के दिग्गज नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश क्यों नही की ? उन्हें मनाया क्यों नही गया?
यही वजह है कि हम जशपुर विधानसभा सीट बुरी तरह हार गए। प्रदीप नारायण दीवान को मनाने या समझाने की कोशिश बड़े नेताओं ने क्यों नही किया अगर समय रहते प्रदीप नारायण दीवान को समझा मना लिया जाता तो हम कभी यह सीट नही हारते ।अशोक यादव ने भी हार का ठीकरा सांसद रणविजय सिंह के ऊपर फोड़ा और कहा कि उन्हें सबसे पहले हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए ।आखिर में उन्होंने कहा कि जीत का श्रेय लेकर सत्ता का आनंद उठाने वाले नेताओं को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देकर जिले का कमान जब तक युद्धवीर को नही दिया जायेगा तब तक यहां हम हारते रहेंगे।
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