Wednesday, December 19, 2018
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बालू के रेत से सोना उगलने वाली ईब नदी पर पंचायत ने लगाया पहरा

ईब नदी

बालू के रेत से सोना उगलने वाली ईब नदी पर पंचायत ने लगाया पहरा
अब नहीं होगा ईब नदी से रेत का उठाव
पंचायत का अनोखा फैसला

जशपुर के एक गाँव के लोगो ने ईब नदी के प्रवेश पर बाहरी लोगो का प्रवेश निषेध कर दिया है । ग्रामीणों का कहना है कि  ईब नदी से निकलने वाले बालू पर बाहरी व्यापारियों ने वर्षो से कब्जा जमा रखा है जबकि स्थानीय लोग बाहरी व्यपारियों से सोने के भाव में बालू खरिदने को मजबूर है….
पूरा मामला जशपुर उड़ीसा की सीमा पर बसे गाँव खारीबहार है। ग्राम पंचायत खारीबहार ईब नदी के किनारे बसा है ।मंगलवार को यहां के पंचायत ने ग्रामीणों की एक महापंचायत बुलायी ।महापंचात में यह फैसला लिया गया कि अब ईब नदी से निकलने वाले बालू का उपयोग केवल खारीबहार पंचायत के लोग करेंगे। अब यहां कोई भी बाहरी व्यापारी इंब नदी के बालू से व्यापार नहीं करेगा । खारीबहार पंचायत में आयोजित महापंचायत में खारीबहार की महिला सरपंच रजनी बड़ा ,सचिव पूरण चंद के अलावे पंचायत के लगभग सभी वार्ड पंच और कई सारे ग्रामीण मौजूद थे ।
यहां के उपसरपंच तेरस टोप्पो ने बताया कि ईब नदी के किनारे संग्रहित होने वाले बालू को बाहरी व्यापारी चारागाह के रूप में इस्तेमाल कर रहे है जबकि पंचायत में होने वाले निर्माण कार्यो के लिए जब बालू की जरुरत होती है तो बालू खत्म हो जाते हैं और पंचायत को उन्ही बाहरी वयापारियों का मुंह ताकना  पड़ता है इसलिए पंचायत ने फैसला किया है कि अब यहां के बालू का उपयोग केवल और केवल पंचायत के लोग करेंगे । सरपंच रजनी बड़ा का कहना है कि उन्होंने यह फैसला करने से पहले खनिज विभाग के आला अधिकारियों से बाकायदे परमिशन लिया है ।हांलाकि परमिशन सम्बंधित कोई भी लिखित दस्तावेज पंचायत के पास नहीं है । पंचायत का कहना है कि खनिज विभाग ने परमिशन देने से पहले पंचायत से कुछ जरूरी दस्तावेज मांगे हैं जिन्हें एक दो दिन में जमा कर दिया जाएगा ।
बता दें कि खारीबहार में बालू निकासी के लिए इ केवल एक ही  घाट है जहां रायगढ़ के लैलूंगा,कोतबा ,गंझियाडीह ,बाबू साजबहार,कोंपारा, सराईटोला के   वयापारियों का जमावड़ा लगा रहता है जो वर्षो से बगैर किसी रॉयल्टी के अवैध बालू का उठाव और परिवहन करते आ रहे है ।

पहले पंचायत टैक्स लगाया विरोध करने पर कहा-कल से बालू का उठाव बन्द

कहते हैं बाहरी वयापारियों पर रोक लगाने के लिए पंचायत ने नदी के किनारे कैम्प लगाकर पंचायत टैक्स लगाना शुरू कर दिया था जो सरकार द्वारा  निर्धारित रॉयल्टी से कई गुना बताया जा रहा है ।बताया जाता है कि पंचायत द्वारा जारी टैक्स का कोई निर्धारित रकम नही था ।व्यापारी के हिसाब से किसी से 200 रूपये तो किसी से 500 रूपये की वसूली की जा रही थी जिसका वयापारियों ने विरोध कर दिया ।वयापारियों का कहना था कि पंचायत रॉयल्टी नही बल्कि रंगदारी टैक्स वसूल रही है ।वयापारियों का विरोध जब पंचायत के सामने मुखर हुआ तो पंचायत के लोगो ने खाप पंचायत के तर्ज पर नदी का ही रास्ता बंद कर दिया ।
गौरतलब है कि यह वही ईब नदी है जहां के रेत से आज भी स्वर्ण कण निकलते हैं जो यहां के झोरा समुदाय के लोगों के जीविकोपार्जन का जरिया है ।

“रॉयल्टी लेना अवैध लेकिन रोक लगाना पंचायत का अधिकार”
इस पुरे मामले में जिला खनिज अधिकारी बी आर दीवान से जब लल्लूराम ने बात की तो उन्होंने पंचायत द्वारा ली जा रॉयल्टी को अवैध बताया लेकिन बाहरी लोगो के रोक लगाने का पंचायत को अधिकार है कहा ।

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