Tuesday, September 18, 2018
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जशपुर जिले की हरियाली और ऐतिहासिक धरोहरों की सहेजने की शुरू हुई कोशिश , बात केंद्र सरकार तक पहुची

 

युवाओं को घर में ही रोजगार दिलाने प्रियंवदा की पहल, जशपुर को ग्रामीण पर्यटन जिला घोषित करने की मांग

केंद्रीय पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर कहा जिले को पर्यटन परियोजनाओं से संबद्ध कर प्रभावी तरीके से किया जाए अमल

 

जशपुरनगर मुनादी ।।

 

. जिले में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए जूदेव परिवार की बहु एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रियंवदा सिंह जूदेव ने जशपुर को ग्रामीण पर्यटन जिला के रूप में घोषित करने की मांग उठाई है। इसके लिए श्रीमती जूदेव ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मुलाकात कर जिले में पर्यटन उद्योग की असीम सम्भावनाओं के बारे में बताया  और को पत्र भी लिखा है। अपने पत्र में श्रीमती जूदेव ने कहा है कि इस जिले में ग्रामीण पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत जशपुर जिले में कृषि, सांस्कृतिक, प्रकृति, पर्यावरण सहित आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। अर्थव्यवस्था में निर्माण क्षेत्र के बाद रोजगार देने वाला क्षेत्र पर्यटन ही है। जशपुर जिला प्राचीन काल में महाराजा भानुमंत का क्षेत्र रहा है। जिनकी पुत्री माता कौशल्या हुईं। जिनके नाम से इस क्षेत्र को कौशल क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। माता कौशल्या के पुत्र श्रीराम से जुड़े अनेक प्रमाण इस क्षेत्र में मिलते हैं। श्रीराम संस्कृति शोध संस्थान के शोधकर्ता डॉ. रामअवतार शर्मा के शोध के मुताबिक जशपुर जिले में 6 स्थान ऐसे हैं, जहां श्रीराम के अमिट चिन्ह आज भी हैं। शोध अध्ययन के अनुसार श्रीराम ने वनवास के दौरान करीब 10 सालों का समय इसी क्षेत्र में बिताया था। प्रियंवदा ने कहा कि उनके ससुर स्व. दिलीप सिंह जूदेव वनवासी समाज के हितों की रक्षा और उनके विकास के लिए हमेशा लगे रहे। इसके लिए उन्होंने वनवासी कल्याण अाश्रम के सफल संचालन में भी अहम भूमिका निभाई। श्रीमती जूदेव ने कहा कि अगर जशपुर को ग्रामीण पर्यटन जिला के रूप में घोषित किया जाता है, तो यहां के युवाओं को उनके गांव-घर में ही रोजगार के अवसर मुहैया होंगे।

 

केंद्रीय पर्यटन मंत्री से की मुलाकात

 

बता दें बीते सप्ताह बहुरानी प्रियम्बदा ने इस मामले में राजधानी दिल्ली जाकर केंद्रीय पर्यटन मन्त्री से मुलाकात भी की है और उन्होंने उनकी मांग पर गम्भीरता से विचार करने का भरोसा भी दिया है । प्रियम्बदा ने कहा है कि उनके पिता तुल्य श्वसुर स्व कुमार दिलीप सिंह जूदेव ने जिले में हरियाली विकसित कर पर्यटन उद्योग का सपना देखा था जिसे पूरा करने का सही वक्त आ गया है ।

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