Sunday, December 16, 2018
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नक्सलियों के गढ़ में पहुचे जवान ….

धर्मेन्द्र सिंह बस्तर 

        छतीसगढ़ के अति नक्सली प्रभावित इलाके में पहुँच पुलिस महकमा जहाँ नक्सलियो का चलता है राज हम आपको बता दे कि सुकमा जिले में पुलिस महानिरीक्षक  विवेकानंद सिन्हा, उपपुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीना, अतरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे नक्सल विरोधी तेदमुंता बस्तर अभियान* के तहत आज हम दोरनापाल जगरगुंडा मार्ग पर दोरनापाल से लगभग 26 km की दूरी पर स्थित अति नक्सल प्रभावित ग्राम तिमिलवाड़ा पहुँचे।

          चिंतागुफा थाने के अंतर्गत आने वाले तिमिलवाड़ा ग्राम में लगभग 150 परिवार निवास करते है, जो कि मुड़िया जनजाति से है। तिमिलवाड़ा वही गाँव है जहाँ वर्ष 2013 में नक्सलियों द्वारा हमला कर हेलीकॉप्टर गिराया गया था।

         तेदमुंता अभियान के तहत आज तक हम अनेकों गाँव जा चुके है, लेकिन एक भी गाँव हमें ऐसा नही मिला जहाँ माओवादियों द्वारा निर्दोष ग्रामीणों की हत्या नही की गई हो। हद तो तब हो गयी जब हमे पता चला कि तिमिलवाड़ा में एक ग्रामीण की हत्या माओवादियों द्वारा केवल इसलिए कर दी गयी थी कि, उसने नक्सलियों द्वारा काटे गए सड़कों पर गाँव वालों को ले जाकर पत्थर डलवाया था। माओवादियों को जब जब ऐसा लगता है कि गांव वाले उनके खिलाफ हो रहे है, तो वे ग्रामीणों को मारकर अपना आतंक स्थापित करते है ताकि उनकी डर एवम भय के द्वारा स्थापित सत्ता बने रहे। इसलिये ग्रामीणों को उनके आतंक के खिलाफ एकजुट करने उन्हें माओवादियों के खिलाफ जागरूक करने के लिए गाँव-गाँव मे जाकर हमारे द्वारा बैठक ली जा रही है, ताकि माओवादियों की आतंक की सत्ता को ग्रामीण उखाड़ फेंके।

               तिमिलवाड़ा में एक प्राथमिक स्कूल है, लेकिन चिंता की बात यह थी कि, यहाँ अधिकांश बच्चें स्कूल नही जा रहे है, एवम शाला त्यागी बच्चों की संख्या भी बहुत ज्यादा थी। शाला में एक शिक्षक है उक्त शिक्षक के बारे में ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि वह भी नियमित रूप से शाला नही आता है, जिसके कारण बच्चों को मध्याहन भोजन भी नियमित रूप से नही मिल पा रहा है। यहाँ शिक्षा के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने की अत्यधिक आवश्यकता महसूस हुई। हमनें वहाँ उपस्थित ग्रामीणों को अपने सभी बच्चों को स्कूल भेजने हेतु प्रेरित किया। क्योंकि शिक्षा ही एकमात्र माध्यम है जिससे हम नई पीढ़ी को नक्सलवाद की विभीषिका से बचा सकते है।

                      तिमिलवाड़ा में विद्युत सुविधा आज तक नही पहुँच पाई है, क्योंकि जब जब प्रशासन द्वारा विद्युत पहुँचाने का प्रयास किया गया माओवादियों द्वारा बिजली के खंभे तोड़कर या अन्य प्रकार से ग्रामीणों के विकास को रोका गया है। ग्रामीणों ने गांव की समस्याएं    ग्रामीणों नेबताया की  वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, राशन सामग्री, दिव्यांग योजना एवं सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। उक्त सभी माँगो एवम समस्याओं को कलेक्टर  के माध्यम से पूरा करने का अस्वासन पहुचे अधिकारियों ने दिया

        पुलिस जवानों के साथ गयी नाट्य मंडली द्वारा गाने एवम नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को माओवाद के खिलाफ़ जागरूक किया गया।

       आज गांव  में दोरनापाल SDOP विवेक शुक्ला, दोरनापाल TI अमित सिंह एवम थाना बल उपस्थित था।

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