Thursday, January 18, 2018
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विरोध पर विरोध …आखिर जशपुर में हो क्या रहा है ?

बगीचा से गौरव सिन्हा की मुनादी 

जशपुर जिले के बगीचा में बन रहे एसेलआरएम सेंटर का विवाद थमने का नाम नही ले रहा ।इसको लेकर हर दिन प्रशासन के सामने एक नए किस्म का जहमत सामने खड़ा हो जा रहा है। इस बार यहां का विवाद पहले से थोड़ा अलग है ।बताया जा रहा है कि बगीचा नगर पंचायत के गम्हरिया में वार्डवासियों के बगैर सहमति के बनाये जा रहे एस एल आर एम सेंटर का काम रुकवाने के लिए वार्डवासियों द्वारा बिलासपुर हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई थी जिसपर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने इसके निर्माण पर रोक लगा दिया था लेकिन हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद भी निर्माण जरी है ।3 दिन पहले बगीचा वार्ड नम्बर 9 की महिलाओं ने नगरपंचायत के मनमाने रवैये से छुब्ध होकर थाने से इस मामले में समुचित कार्यवाही की गुहार लगाई थी । थाना बगीचा को दिए गए ज्ञापन में वार्ड की महिलाओं ने थाना प्रभारी बगीचा से नगर पंचायत के विरुद्ध कार्यवाही करने का निवेदन किया था लेकिन अब तक इस मामले में समुचित कार्यवाही नही हो पायी जिसके चलते यहां फिर से तनाव की स्थिति निर्मित हो गयी है।

नही मिला है स्टे आर्डर

हम आपको बता दें कि बीते माह जब इस काम की शुरुआत हुई थी तो यहां के लोगों के विरोध को नियंत्रण करने में प्रशासन को काफी दिक्कतें आयी थी और सेंटर के निर्माण को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए यहां पुलिस का पहरा भी लगाया गया था कई दिनों तक पुलिसिया साये में काम चलने के बाद लोगो ने हाईकोर्ट की शरण ली और वार्डवासियों की माने तो कोर्ट ने उनको स्टे दे दिया है लेकिन प्रशासन और पूलिस इस मामले में कुछ और बता रही है ।इस मामले में जब हमने बगीचा एसडीएम एन एस भगत से बात की तो उन्होंने कहा कि वार्डवासियों द्वारा दिखाये जा रहे हाईकोर्ट के दस्तावेज स्थगन आदेश नही है बल्कि हाईकोर्ट ने कलेक्टर को 45 दिनों के भीतर मामले का निराकरण करने का आदेश जारी किया है। गलतफहमी के चलते लोग इस दस्तावेज को स्थगन आदेश मान रहे थे। वही इस मामले में बगीचा थाना के सब इन्स्पेक्टर एस पी गौतम ने बताया कि वार्डवासियों को गलतफहमी थी कि कोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किये हैं बाद में जब उन्हें दस्तावेज का सही मतलब बताया गया तो वे मान गए ।फिलहाल अब कोई विरोध नही है।

माहौल खराब करने में जुटा प्रशासन

इस मामले में जोगी कांग्रेस के नेता शशि भगत का कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय से मिले स्थगन आदेश के बारे में वार्डवासियों को गलत जानकारी देकर प्रशासन माहौत ठंडा करने के बजाय माहौल को खराब करने में लगा है । मुनादी डॉट कॉम से चर्चा के दौरान शशि भगत ने कहा -” माननीय हाईकोर्ट द्वारा जारी दस्तावेज में स्पष्ट रूप से कार्य को यथावत रखकर 45 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है जो की स्थगन आदेश है ही है लेकिन प्रशासन और पूलिस के लोग नगरवासियों को गलत जानकारी देकर गुमराह कर रहे हैं ।ऐसा करना न तो आम पब्लिक के हक में है न ही प्रशासन के ।

विद्युत् सब स्टेशन का भी हो रहा है विरोध

गौरतलब है कि बगीचा का एस एल आर एम सेंटर के अलावे पिछले कई दिनों से रनपुर में चल रहे विद्युत् सब स्टेशन का भी जोरदार विरोध हो रहा है। एस एल आर एम सेंटर के तर्ज पर ही रनपुर में भी विद्युत् सब स्टेशन को बनांने में प्रशासन को भारी मशक्कत करना पड़ रहा है ।अब देखने वाली बात ये होगी की दोनों समस्याओं से निपटने के लिये प्रशासन क्या तरकीब निकालता है ।

पूर्व मंत्री ने बताया मिशनरी फंडा

बगीचा में चल रहे एस एल आर एम सेंटर के विरोध को पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने मिशनरियों की साजिश और प्रशासन की कमजोरी बताया है। बीते माह जशपुर जिले के बगीचा में आयोजित पूर्व मंत्री के नेतृत्व में जनजातीय समुदाय की निकालो गयी विशाल रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री भगत ने कहा था कि इस तरह के शासकीय कार्यों को रोकना जहां मिशनरियों की साजिश है वहीँ प्रशासन इन्हें रोक पाने में सफल नही हो पा रहा है यह प्रशासन की कमजोरी है ।

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