Wednesday, September 26, 2018
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‘वेतन नहीं, तो अंगूठा नहीं’ आंदोलन का हुआ बडा असर, दुर्ग जिले में शिक्षाकर्मियों को मिला वेतन

 

रायपुर मुनादी ।

 

 

राष्ट्रीय पैरा शिक्षक संघर्ष समिति के   राष्ट्रीय संयोजक  एवं शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रांताध्यक्ष /मोर्चा के प्रांतीय संचालक वीरेंद्र दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते दिनों पाटन जिला मुख्यालय सहित प्रदेश भर में शिक्षाकर्मियों का बायोमेट्रिक अटेंडेंस के विरोध में किये गए ‘वेतन नहीं, तो अंगूठा नहीं’ आंदोलन का व्यापक असर हुआ है।

बीते दो माह से शिक्षाकर्मियों के रुके वेतन को सरकार ने जारी कर दिया और अब दो ही नहीं बल्कि उससे अधिक माह के वेतन भुगतान हेतु राशि पहुंची दुर्ग जिला पंचायत के खाते में आ चुका है जो शिक्षाकर्मियों को जल्द प्रदान किया जाएगा।

गौरतलब है कि पाटन मुख्यालय में शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में सभी जुझारू शिक्षाकर्मी साथियों ने “वेतन नही तो अंगूठा नही” के नारे के साथ जनपद पंचायत कार्यालय और विकास खंड कार्यालय का घेराव किया था और जिसके पश्चात दो तीन दिनों में वेतन की मांग कर पूर्ण रुप से बायोमैट्रिक मशीन का बहिष्कार करने की चेतावनी शासन प्रशासन को दी थी।
उसके पश्चात प्रातांध्यक्ष वीरेंद्र दुबे लगातार मंत्रालय में संचालक पंचायत तारण प्रकाश सिन्हा से इस बाबत चर्चा कर रहे थे और दो दिनों से जिले व सभी अधिकारियों से संपर्क कर बडा प्रयास किया।
जिसके  फलस्वरुप गुरुवार को जिला पंचायत दुर्ग के खाते में न ही दो तीन महीने परंतु उससे अधिक माह के वेतन भुगतान के लिए राशि जारी हो गया है। अब पाटन सहित दुर्ग के साथियों को संभवतः दो से तीन माह का लंबित वेतन दो दिनों में भुगतान किया जा सकेगा। शिक्षाकर्मियों ने वीरेंद्र दुबे के अथक प्रयासों के लिए साधुवाद कर बधाई प्रेषित की और संघर्ष के लिए आभार जताया।

 

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