Tuesday, November 20, 2018
Home > Slider > इस शहर में 6 ज़ीरो माइल स्टोन हैं, इस शहर के केंद्र का किसी को पता नहीं

इस शहर में 6 ज़ीरो माइल स्टोन हैं, इस शहर के केंद्र का किसी को पता नहीं

 

रायगढ़ मुनादी ।।

 

किसी भी शहर का एक ही जीरो माइल स्टोन होता है जिसे शहर का केंद्र बिंदु माना जाता है। विकास का खाका उस केंद्र बिंदु को आधार मानकर ही खींची जाती है और विकास की सारी योजनाएं बनाई जाती है। लेकिन रायगढ़ शहर में 6 माइलस्टोन है । ऐसे में विकास की योजनाएं, विकास का खाका, विकास  ताना-बाना यहां कैसे बुना जाता होगा समझ से परे है।

किसी भी शहर के जीरी  माइल स्टोन का मान, शहर के चारों कोने से 360 डिग्री के कोण लेकर शहर के बीचो बीच एक बिंदु तय किया जाता है, जिसे शहर का जीरो माइल स्टोन कहते हैं । यह जीरो माइल स्टोन शहर की विकास की धुरी होती है । यही नहीं इस शहर से दूसरे शहर में जाने के लिए दूरी का माप का आधार भी वही जीरो माइल स्टोन होता है । रायगढ़ ऐसा शहर है जहां चारों कोने में जीरो माइल स्टोन लगे हुए हैं।  शहर के हर छोर पर जीरो नाम का मिल का पत्थर दिख जाता है ।  सबसे ज्यादा जीरो माइल स्टोन शहर के पूर्वी छोर में हैं। जामगांव रोड पर 3 ज़ीरो माइलस्टोन है। एकताल रोड पर एक और माइलस्टोन है।

शहर के पुराने लोगों की बात माने तो सबसे पहला जीरो माइल स्टोन सती गुड़ी चौक के पास था। बाद में यह जीरो माइल स्टोन खिसककर सुभाष चौक के पास आ पहुंचा। इसके बाद यह माइल स्टोन रेलवे स्टेशन चौक के पास हो गया । अब हालत यह है कि शहर के हर छोर पर कई जीरो माइल स्टोन मिल जाते हैं। ऐसे में शहर के बारे में यह तय कर पाना बड़ा मुश्किल है कि आखिर रायगढ़ शहर का केंद्र बिंदु कहां है ? किस जगह को जीरो माइल स्टोन मानकर शहर के विकास का खाका खींचा जाता होगा। या इस शहर से दूसरे शहर की दूरी को नापा कैसे नाप जाता होगा।

गूगल बाबा ने भी  हाथ जोड़े

जब शहर का जीरो माइल स्टोन ढूंढते-ढूंढते हम गूगल बाबा की शरण में पहुंचे। तब Google बाबा ने भी अपने हाथ जोड़ लिए, उनके पास भी रायगढ़ शहर का जीरो माइल स्टोन नहीं था। जिस शहर में न तो नगर निगम, PWD और शहर के विकास का खाका खींचने वाले नगर निगम नगर निवेश के पास भी जीरो माइल स्टोन का अता पता ना हो वहां पर बिकास की योजनाएं कैसे बनती होगी ? कहते हैं , जीरो की खोज आर्यभट्ट ने की थी लेकिन रायगढ़ में आप को इतने ज़ीरो मिलेंगे कि दिमाग चकरघिन्नी ही जायेगा।  यह शहर कहीं आर्यभट्ट का तो नहीं है ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *