Friday, November 16, 2018
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आई जी दुर्ग ने जारी किया फरमान, इसका करना होगा सभी को पालन जानिए क्यों किसलिए है …………

दुर्ग मुनादी।

 

आईजी दुर्ग ने जारी किया दिशा-निर्देश, क्वाँँर नवरात्रि पर्व एवं दषहरा त्यौहार के दौरान पुलिस अधीक्षक साम्प्रदायिक सौहार्द्र सुनिष्चित करें

जीपी सिंह, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग द्वारा क्वाँँर नवरात्रि पर्व/महाष्टमी/महानवमी/दषहरा त्यौहार के दौरान साम्प्रदायिक सौहार्द्र सुनिष्चित करने हेतु रेंज के पुलिस अधीक्षकों को परिपत्र जारी किया गया है। दिनांक 10-10-2018 से प्रारंभ होने वाली क्वाँँर नवरात्रि पर्व के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाकर जगह-जगह देवियों की पूजा-अर्चना की जावेगी। सैंकडो स्थानों पर देवी जागरण व अन्य धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे, जिसमें महिलाओं व बच्चो की विशेष भीड़ होगी रहती है। दिनांक 17-10-2018 को महाष्टमी, दिनांक 18-10-2018 को महानवमी एवं दिनांक 19-10-2018 को दषहरा पर्व मनाया जावेगा।

जिसके अंतर्गत ये निर्देश दिए गए हैं–

भीड़ का आंकलन कर आवष्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिष्चित करें।

नक्सली/आतंकवादी गतिविधियों की दृष्टिगत रखते हुये संदिग्ध लोगो/वस्तुओं की सुक्ष्म जंाच की जावे।

प्रमुख धार्मिक स्थलों/देवी मंदिरों के प्रवेष द्वारों पर एण्टी-सेबोटाॅज चेकिंग की जावे।

मंदिरों में बाहर से आने वाले व्यक्तियों/वाहनों की चेक पोस्ट पर सुक्ष्म जांच सुनिष्चित की जाये एवं संतुष्टि उपरांत ही प्रवेष दिया जावे।

पार्किंग स्थलों पर भी वाहनों की जांच सुनिष्चित की जावे।

आयोेेजन स्थल पर आने वाले व्यक्तियों की शारीरिक जांच के साथ-साथ डीएफएमडी/एचएचएमडी से इनके बैग, थैला अन्य वस्तुओं की सुक्ष्मता से जांच की जावे।

नगर के प्रमुख बस स्टैण्ड/रेलवे स्टेषन, होटल, लाॅज, धर्मषाला, ढाबें आदि महत्वपूर्ण स्थलों की नियमित रूप से जांच की जाये। संदिग्ध लोगो के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिष्चित की जाये।

ड्युटी में तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों को सुरक्षा-निर्देषों की ब्रीफिंग दी जाये।

 

यातायात/पार्किंग व्यवस्था इस प्रकार की जाये की कहीं पर चक्काजाम की स्थिति निर्मित न हो एवं आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेषानियों का सामना न करना पड़े। यातायात प्रबंध/पार्किंग व्यवस्था पूर्व से ही नियोजित कर ली जावे।

 

मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों, चोर, जेबकतरों आदि पर विषेष निगरानी रखी जावे ताकि किसी प्रकार की वारदात न हों। महिलाओं के साथ छेडछाड़, चेन खींचने आदि वारदातें न हो इसका विषेष ध्यान रखा जावे।

 

स्थानीय प्रषासन, नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत आदि से समन्वय स्थापित कर स्थानीय स्तर की समस्याओं का निराकरण तत्काल किया जावे।

 

पूजा-स्थलों पर अग्निषमन दल की व्यवस्था सुनिष्चित की जावे ताकि अग्निकांड की स्थिति से बचा जा सके।

मंदिरों में हथियार बंद लोगो को प्रवेष न दिया जावे।

 

जहंा आवष्यक हो वहां अपेक्षित संख्या में प्रवेष/निकास द्वारों सहित अवरोध एवं बेरिकेटिंग बाॅक्स जैसी आधारभूत सुविधाएं तैयार की जावे।

 

आयोजन स्थलों पर समुचित प्रकाष व्यवस्था की जावे ताकि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो एवं संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।

 

किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए समुचित बल रिजर्व में रखा जावे।

 

असामाजिक/रूढ़ीवादी तत्व दहषत फैलाने के लिए अफवाहों का इस्तेमाल करते है। अतः इन लोगो पर सतत सुक्ष्म दृष्टि रखी जावे, इस प्रकार की कोई जानकारी प्रकाष में आती है तो तत्काल समुचित कार्यवाही की जावे।

 

प्रमुख आयोजन स्थलों पर राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में अतिरिक्त बल लगाया जावे एवं सादी वर्दी में तथा महिला बल की भी व्यवस्था सुनिष्चित की जाये।

 

ड्यूटी पर लगाये गये राजपत्रित अधिकारी को निर्देषित किया जावे कि वे धार्मिक स्थलों पर भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहे एवं समुचित निर्देष अधिनस्थों को देकर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखे।

 

जिन स्थानों पर 20-25 हजार या इससे अधिक संख्या में लोगो के एकत्रित होने की संभावना हो उन स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिष्चित की जाये।

 

नवरात्रि पर्व के दौरान होने वाले देवी जागरण, हवन, भंडारा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान आम लोगो को परेषानी न हो एवं यातायात सुचारू रूप से जारी रहे, यह सुनिष्चित किया जावे।

 

नवरात्रि पर्व के दौरान मां बम्बलेष्वरी, डोंगरगढ़ जिला राजनांदगंाव, झलमला मंदिर जिला बालोद तक काफी संख्या में पदयात्री दिन एवं रात में दर्षन हेतु पदयात्रा करते है। एवं राष्ट्रीय राजमार्ग व सड़क मार्गों में वाहनों का दबाव अत्यधिक होने से दुर्घटना होने की संभावना रहती है। पदयात्रियों की सुविधा के लिए सर्विस रोड़ में चलने के लिए संकेत लगाये जाये तथा उन्हें सुरक्षा की दृष्टिकोण से सर्विस रोड़ का उपयोग करने हेतु प्रोत्साहित किया जावे।

 

ऐसे स्थान जो मुस्लिम बाहुल्य हो, उन स्थानों पर विषेष सतर्कता बरती जावे। नमाज के दौरान मस्जिदों के आसपास तेज आवाज में लाउडस्पीकर न बजाये जावे। विषेष रूप से शुक्रवार के दिन यह सुनिष्चित किया जावे कि विषेष नमाज के दौरान शांति व्यवस्था कायम रहे।

 

आतंकवादी/नक्सलियों द्वारा समय-समय पर देष के विभिन्न स्थानों पर पूर्व में किये गये विस्फोटों को दृष्टिगत रखते हुये धार्मिक एवं सार्वजनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों पर आसूचना तंत्र को सक्रिय करते हुये सुरक्षा के सम्पूर्ण उपाय किया जावे।

 

नगर के सभी आयोजन समिति के पदाधिकारियों के नाम/टेलिफोन/मोबाईल नम्बर प्राप्त कर रखे जावे ताकि आवष्यकता पड़ने पर तत्काल सम्पर्क किया जा सके जहां-जहां प्रतिमाएं स्थापित की जा रही है वहां आयोजन समिति को यह निर्देष दिया जावे कि रात्रि मे प्रतिमा स्थल पर कोई न कोई कार्यकर्ता सुरक्षा हेतु उपस्थित रहें ताकि कोई भी असामाजिक तत्व किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित न कर सके।

 

ऐसे विवादित स्थलों पर मूर्ति स्थापित न की जावे, जहां पूर्व से कोई विवाद रहा हो अथवा साम्प्रदायिक दृष्टि से वह स्थल संवेदनषील हो।

 

ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के संबंध में माननीय न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देषों को पालन सुनिष्चित कराया जावे।

विसर्जन के अवसर पर मार्ग का निर्धारण पूर्व से किया जावे एवं सुरक्षा के समुचित प्रबंध किया जावे। स्थानीय प्रषासन/विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर विसर्जन स्थलों पर विद्युत की अतिरिक्त व्यवस्था सुनिष्चित की जावे ताकि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो एवं असामाजिक तत्वों पर सुक्ष्म दृष्टि रखी जा सके। नावों/गोताखोरों की भी विषेष व्यवस्था की जावे।

 

प्रतिदिन की खैरियत रिपोर्ट राज्य नियंत्रण कक्ष, पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर एवं इस कार्यालय को आवष्यक रूप से भेजी जावे। इस दौरान कोई संवेदनषील एवं महत्वपूर्ण घटना परिलक्षित होती है तो वरिष्ठ अधिकारियों एवं राज्य नियंत्रण कक्ष, पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर को तत्काल अवगत किया जावे। पुलिस मुख्यालय द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देषों का पालन भी कृपया सुनिषिचत करें।

 

नक्सलियों द्वारा अपने स्माल एक्शन ग्रुप के माध्यम से पुलिस पार्टी पर हमला कर हथियार लूटने का प्रयास किया जा सकता हैै। अतः क्षेत्र में नक्सलियों के स्माल एक्शन टीम के थे्रट को ध्यान में रखते हुये फोर्स की तैनाती करना सुनिश्चित करें।

 

आयोजन स्थल में आयोजकों के माध्यम से अधिकाधिक संख्या में सीसीटीव्ही स्थापित करने एवं यथासंभव विडीयो रिकार्डिंग की व्यवस्था सुनिष्चित करें।

श्री सिंह ने बताया कि सोषल मीडिया में फेसबुक, ट्वीटर एवं वाट्सएप्प, इत्यादि के जरये धार्मिक भावनाओं को आहत पहुचाने वालों के उपर कडी निगरानी रखी जा रही है। लोगों के धार्मिक भावनाओं को आघात पहुचाने वाले असमाजिक तत्वों को किसी भी शर्त में बख्शा नही जाएगा।

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