Monday, December 10, 2018
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जब भी आप पेट्रोल भरा रहे हों तो पेट्रोल पंप पर लगी नरेंद्र मोदी की हँसती हुई तस्वीर को जरुर देखें जो …….

रायपुर मुनादी।

*पेट्रोल डीजल के रोज बढ़ रहे हैं दाम और भाजपा सरकार के पास युवाओं के लिए नहीं है काम – डॉ चरण दास महंत*

 

“जब भी आप पेट्रोल भरा रहे हों तो पेट्रोल पंप पर लगी नरेंद्र मोदी की हँसती हुई तस्वीर को जरुर देखें जो कि मानो कह रही है कि हम आपके जेब पर डाका डाल रहे हैं और आप कुछ नहीं कर पा रहे हैं” यह कहना है छत्तीसगढ़ काँग्रेस कमेटी के चुनाव समिति के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ चरण दास महंत का।

डॉ चरण दास महंत ने कहा कि जब भी आप पेट्रोल भरवाने जाते हैं तो याद रखिए कि आप अपनी जेब से 19 रुपया प्रति लीटर, नरेंद्र मोदी की जेब में डाल रहे हैं और साथ ही राज्य सरकार को भी 25 रुपये वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) के रूप में दे रहे हैं। मतलब प्रति लीटर 44 रुपये भाजपा सरकार आपसे वसूल कर अपने व्यापारिक साथियों को दे रही है ताकि उनकी जेब भर पाएँ और चुनाव के समय घूम कर यही पैसा भाजपा के पास चंदे के रूप में आ जाए जो कि आप (जनता) का ही पैसा है। सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में रोजाना 20 लाख लीटर पेट्रोल व 50 लाख लीटर डीजल की खपत है तो इसका मतलब रोजाना 44 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से 30 करोड़ 80 लाख रुपये प्रति दिन केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच बंटता है जिसको जागरुक जनता को समझने की जरूरत है। आज देश में पेट्रोल की कीमत ₹90 के आस पास पहुंच चुकी है जब कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें यूपीए के जमाने के मुकाबले बहुत कम हैं। यही भारतीय जनता पार्टी जब विपक्ष में थी तब पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर सड़क पर उतर कर हाय तौबा मचाती थी लेकिन जब आज उनकी सरकार है और अप्रत्याशित रुप से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी हो रही है तो इस पर इनका कोई भी नेता या मंत्री जनता को जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। एक ओर रमन सरकार वोटों के लिए युवाओं को प्रलोभन दे रही है तो दूसरी ओर युवाओं की जेब पर डाका डाल रही है।

डॉ महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की इच्छा शक्ति अगर होती और वह जनता के बारे में थोड़ी सी भी संवेदनशील होती तो कर्नाटक की सरकार की तरह ही वह भी पेट्रोलियम पदार्थों पर दाम घटा सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ ना ही होगा। वैसे ही मिनिमम बैलेंस के नाम पर जहां एक तरफ बैंकों द्वारा आम जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा जा रहा है और बड़े व्यापारियों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ मेहुल चौकसे, नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे घोटालेबाज और भगोड़े लोगों को करोड़ों अरबों रुपए के घोटाले करने के बावजूद गिरफ्तार तो दूर अपनी आँखों के नीचे देश से बाहर जाने दिया जा रहा है। मोदी सरकार जानबूझकर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ा रही है ताकि जनता की जेब पर डाका डालकर पैसे लूटे जाएं और अपने व्यापारी मित्रों की सहायता की जाए ताकि जनता का ध्यान बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई की ओर ना जा पाए और भारतीय जनता पार्टी अपने एजेंडे, जो कि हर कीमत पर सत्ता हासिल करना है, उस पर कार्यरत रहे क्योंकि इनको धर्म जात-पात, हिंदू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद, गौहत्या, मॉब लिंचिंग छोड़कर और कुछ आता नहीं है क्योंकि विकास के जो खोखले वादे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने किए थे वह अब जनता को भी समझ में आ गया है।

डॉ महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोज़गार देने में भाजपा सरकार विफल हो गई है और हर बार की तरह ही लालच देकर वोट बटोरने में लगी हुई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में पिछले 15 सालों से युवाओं को एक आस थी कि शायद भाजपा सरकार हमारी बेरोज़गारी दूर कर देगी और ऐसा ही सोचते-सोचते उस युवा पीढ़ी के उम्र के 15 साल निकल गए लेकिन स्थिति बद से बदतर हो गई है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत विफल आंकड़ों पर गौर करें तो ये बात साफ नज़र आ रही है कि प्रदेश में बेरोज़गारों की संख्या पिछले एक साल में न सिर्फ बढ़ी बल्कि तेजी से बढ़ी है। ये आंकड़े विधानसभा के हाल ही में हुए बजट सत्र में पेश किए गए थे। सरकारी विफल आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 में 19 लाख 53 हजार 556 बेरोजगार थे, जो संख्या अब बढ़कर 23 लाख 80 हजार 161 हो गई है, इसका मतलब ये है कि शिक्षित बेरोज़गारों की संख्या बढ़ गयी है जोकि पिछले एक साल में तक़रीबन 4 लाख 26 हजार 605 तक बढ़ी है।
छत्तीसगढ़ के बेरोज़गारों की संख्या और संबंधित मंत्री के जिलों पर गौर करें तो उनकी उपलब्धि साफ नजर आ रही है —
उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय – दुर्ग – रजिस्टर्ड बेरोजगार – 3 लाख 9 हजार 529
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह – राजनांदगांव – रजिस्टर्ड बेरोजगार – 1 लाख 90 हजार 307
उद्योग मंत्री अमर अग्रवाल – बिलासपुर – रजिस्टर्ड बेरोजगार – 1 लाख 84 हजार 640
केन्द्रीय राज्य-मंत्री विष्णु देव साय – रायगढ़ – रजिस्टर्ड बेरोजगार – 1 लाख 77 हजार 132
प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर – बालोद – रजिस्टर्ड बेरोजगार – 1 लाख 30 हजार 814
प्रभारी मंत्री अजय चंद्राकर – जिला जांजगीर-चंपा – रजिस्टर्ड बेरोजगार – 1 लाख 22 हजार 142
प्रभारी मंत्री पुन्नूलाल मोहले – रायपुर – रजिस्टर्ड बेरोजगार – 1 लाख 20 हजार 287
छत्तीसगढ़ राज्य के साथ ही केंद्र में भी भाजपा के नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में युवाओं को ढाई करोड़ रोज़गार प्रतिवर्ष देने का वादा किया था वो जुमले और झूठ से ज्यादा कुछ नहीं है।

डॉ चरणदास महंत का कहना है कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हो रही है। खुद को युवाओं का हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार उन्हें रोज़गार तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। प्रदेश में शिक्षित ​बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है और जब प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या बढ़ने लगी तो सरकार की जड़ें हिल गईं। लेकिन इतिहास गवाह है कि बेरोजगारों ने सत्ता का तखता पलट दिया है। शायद इसी बात का अहसास छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को हो गया है, इसलिए चुनावी साल में बेरोज़गार युवाओं को मोबाइल फोन बांट कर रिझाने की कोशिश की जा रही है।

डॉ चरण दास महंत ने छत्तीसगढ़ की समस्त जनता से अपील की है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में सभी व्यक्ति अपने निजी स्वार्थ को छोड़कर प्रदेश और देश हित में मतदान करें क्योंकि भारतीय जनता पार्टी का एजेंडा सिर्फ और सिर्फ सियासत करना है और अपनी जेबें भरना है ना कि विकास करना क्योंकि अगर इन्हें विकास करना होता या आता तो 15 सालों की लगातार सत्ता के बावजूद आज छत्तीसगढ़ की स्थिति इतनी ख़राब नहीं होती।

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