Monday, March 25, 2019
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जब खनिज अधिकारी के दफ्तर में धरने पर बैठ गया एक्टिविस्ट अधिवक्ता, फिर बना तमाशा,

रायगढ़ मुनादी।
खनिज विभाग के दफ्तार में उस समय का नाजारा जबरदस्त हो गया जब एक एक्टिविष्ट अधिवक्ता जेपी जायसवाल परेशान होकर धरने पर बैठ गए। अधिवक्ता व आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा खनिज विभाग से सूचना का अधिकार के तहत खनिज रायल्टी क्लियरेंस को लेकर जानकारी मांगी गई थी। लेकिन पिछले छ: माह से जानकारी के लिए घुमाया जा रहा था।

सूचना का अधिकार के तहत जानकारी नहीं मिलने से नाराज आरटीआई कार्यकर्ता अधिवक्ता जेपी जायसवाल जब विनेन्द्र दत्त जोशी के दफ्तार में धरने पर बैठ गए। सूचना का अधिकार के तहत 30 दिवस के भीतर जानकारी नहीं दिए जाने पर आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा अपीलीय अधिकारी डिप्टी कलेक्टर के यहां अपील किया था। जहां अपीलीय अधिकारी द्वारा मई 2018 में आदेश जारी कर दस्तावेज दिए जाने के एवज में ली गई राशि वापस करने व पूरी जानकारी नि:शुल्क प्रदान किए जाने का निर्देश दिया था।

दरअसल इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता जेपी जायसवाल द्वारा फरवरी 2018 में खनिज विभाग में एक सूचना का अधिकारी लगाकर जानकारी मांगी गई थी। इसके लिए उससे लगभग 6 हजार पन्नों के लिए 12 हजार 650 रूपये भी जमा कराया था लेकिन इसके बाद भी जानकारी नहीं दी जा रही थी हर बार कोई न कोई नया बहाना बनाकर जानकारी देने में आना कानी की जा रही थी।

जिससे आज दोपहर बाद करीब साढ़े 3 बजे आरटीआई कार्यकर्ता खनिज अधिकारी श्री जोशी के दफ्तर में धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठने की खबर से समूचे दफ्तर में हड़कम्प मच गया।

दरअसल खनिज विभाग में व्यापक पैमाने पर झोल-झाल की यह जानकारी थी। यही वजह है कि अधिकारी मामले की जानकारी देने लगातार आना कानी कर रहे थे।

खास बात यह है कि आरटीआई कार्यंकर्ता से जानकारी के एवज में राशि भी जमा करा ली गई थी लेकिन जानकारी देने में आना कानी की जा रही थी। अपीलीय अधिकारी के आदेश के बाद भी लगातार 2 माह से आरटीआई कार्यकर्ता अधिकारी के चक्कर काट रहा था। जिसकी वजह से आज परेशान होकर वह धरने पर बैठ गया।

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