Sunday, July 15, 2018
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जालसाजी की हो गई हद, एक जमीन को पटवारी से मिली भगत कर बेच दिया 2 बार, पटवारी ने बनाये फर्जी कागजात

कोरिया बैकुंठपुर से अनूप बड़ेरिया की मुनादी

 

 

 

 

 

एक जमीन विक्रेता ने अपनी एक जमीन बेचने के 4साल बाद ही शातिर तरीके से पटवारी से मिलीभगत कर फिर से उसी जमीन को दूसरे को बेच दिया। अब मामला खुलने पर वह दूसरी जमीन देने की बात कह रहा है। वही पटवारी इसे फर्जीवाड़ा ना बताकर मानवीय त्रुटि बता रहा है।

 

दरअसल पूरा मामला कोरिया जिले के ग्राम सरडी क्षेत्र का है। जहां खरवत निवासी फुर्सत राजवाडे पिता हीरा सिंह की जमीन खसरा क्रमांक 0.724 व रकबा 0.007 हेक्टेयर को वर्ष 2013 में चर्चा निवासी सतीश कुमार सिंह पिता कैलाश सिंह को 29.06.13 को 97 हजार रुपए में विक्रय कर दिया था । लेकिन उसी जमीन को फुर्सत राजवाड़े ने17.03. 2017 में चरचा कालरी के ही मनोरमा देवी पति राजेश बर्मन 3 लाख 50 हजार रुपए में फिर से बेच दिया।

हैरानी की बात यह है कि पटवारी ने सारी जानकारी होने के बाद भी वही खसरा व रकबा नंबर देखने के बाद भी री नम्बरिंग कर दी व फौती काट दी । रजिस्ट्री कराने के बाद मनोरमा देवी को पता चला कि उक्त भूमि पर सतीश सिंह का कब्जा है ।

 

इस प्रकार उसे अपने ठगे जाने का एहसास हुआ । इसके बाद उन्होंने फुर्सत राजवाड़े से अपनी रकम वापस करने को कहा । जिस पर उसने श्रीमती मनोरमा देवी को दूसरी जमीन देने का आश्वासन दिया। लेकिन आज लगभग साल भर होने के बाद भी फुर्सत राजवाड़े ने मनोरमा देवी को ना तो पैसे वापस किए वही ना ही कोई दूसरी जमीन दी ।

 

वही इस संबंध में जब मनोरमा देवी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे अब जमीन नहीं चाहिए । केवल मेरे पैसे मुझे वापस मिल जाए । इन सबके बीच में पटवारी की शातिराना भूमिका शक के घेरे में है जो आजकल कंप्यूटराइज्ड रिकॉर्ड होने के बावजूद इतना बड़ा फर्जीवाड़ा करने का दम रखते हैं।

 

इस संबंध में जब हमने पटवारी वाल्मीकि मिश्रा से बात की तो उन्होंने कहा कि जब 2013 में जमीन बिकी थी थी उस समय राधा शरण व्यास पटवारी थे ।स के बाद मैं पटवारी बना लेकिन नामांतरण ना होने की वजह से मुझसे इतनी बड़ी गलती हो गई । लेकिन विक्रेता फुर्सत क्रेता मनोरमा देवी का इस जमीन के बदले दूसरी जमीन देने को तैयार है । पटवारी ने यह भी बताया कि फुर्सत राजवाडे यह भूल गया था कि उसने कौन सी जमीन सतीश सिंह को बेची थी। इसलिए गलती से उसी जमीन की फिर से रजिस्ट्री हो गयी। इस तरह की दलील जाहिर है किसी के गले नहीं उतरेगी।

 

इस संबंध में शिवपुर चरचा नगरपालिका की वार्ड क्रमांक 01 की पार्षद बेगमती ने कलेक्टर कोरिया को 5 जून 2018 को जनदर्शन में शिकायत करते हुए दोषी विक्रेता और फर्जीवाड़ा करने वाले पटवारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी । लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।

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