Tuesday, August 14, 2018
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एनटीपीसी के द्वारा रायगढ़ में खुलने वाला ट्रिपल आई टी बहार चला गया, नौकरी भी नॉकरी भी बाहर वालो को 

 

 

रायगढ़ मुनादी।

 

 

 

 

 

 

एनटीपीसी लारा के विरोध में चल रहा आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप में अग्रसर हो रहा है। एनटीपीसी प्रभावित अपनी मांग को लेकर यहां पिछले कई दिनों से हड़ताल में लामबंद हो गए हैं। एनटीपीसी आंदोलनकारी शांतिपूर्ण रुप से लगातार हड़ताल चौक छपोरा में अपनी 1 सूत्रीय मांग ‘स्थाई नौकरी’ को लेकर बैठे हैं। जहां एनटीपीसी प्रभावित अपनी मांग के साथ-साथ कई मुद्दों को भी उठाया है। इन मुद्दों में सीएसआर का मुद्दा भी सबसे अधिक चर्चित रहा है। एनटीपीसी लारा अपने सीएसआर कामों से कम बल्कि अपने विवादों से अधिक चर्चा में रहता है। एनटीपीसी लारा सीएसआर का फायदा स्थानीय भू-विस्थापितों के लिए बहुत कम है। एनटीपीसी सीएसआर मद से बना ट्रिपल आईटी कॉलेज रायपुर में स्थापित है साथ ही रायगढ़ के केआईटी कॉलेज तथा मेडिकल कॉलेज को एनटीपीसी से अनुदान प्राप्त है। इन सभी संस्थानों में भू-विस्थापितों के लिए किसी प्रकार का आरक्षण या सुविधा नहीं है। परंतु ट्रिपल आईटी कॉलेज में एनटीपीसी कर्मचारियों के बच्चों के लिए आरक्षण व्यवस्था है। सीएसआर की स्थिति ज्वलंत उदाहरण है –
9 गांव में बने पानी टंकी का है जिसका निर्माण 4 साल पूर्व शुरू किया गया था परंतु अभी तक ग्राम वासियों को पेयजल की व्यवस्था नहीं मिल रही है। विगत गर्मी मे ग्राम वासियों को पानी की किल्लत हुई इसी प्रकार एनटीपीसी ने स्वास्थ्य की सुविधा के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहा है। एनटीपीसी टाउनशिप में चल रहे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ विस्थापितों को नहीं दिया जाता है। वही शिक्षा के नाम पर एनटीपीसी प्रबंधन ने हद पार कर दी है। एनटीपीसी परिसर में केंद्रीय विद्यालय के स्थान पर निजी संस्थानों गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल को ठेका दिया गया है। जिसकी फीस किसी गरीब भू-विस्थापित के पूरे साल की आय है। यहां भू-विस्थापितों को किसी प्रकार की छूट अथवा आरक्षण नहीं है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि इस तरह से एनटीपीसी ने अपने सीएसआर कार्य केवल दिखावा के लिए करती है। शहरों में फर्जी पोस्टर लगाकर वाहवाही लूटती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल अथवा अन्य सुविधा के नाम पर केवल नाम मात्र का काम हुआ है। ग्राम वासियों ने अपने अधिकारों से वंचित होने के साथ-साथ उपलब्ध संसाधनों के छिनने से एनटीपीसी लारा का शोषण का भी शिकार हुए हैं।
आज आंदोलन को समर्थन देने के लिए आम आदमी पार्टी के नेता राजेश त्रिपाठी एवं उनके साथी भोजराम चौहान भू-विस्थापित लारा के उपस्थित हुए।
आज आंदोलन का 87 दिन और क्रमिक भूख हड़ताल का 31 वां दिन रहा।

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